एरियन स्पेस ने बयान जारी कर कहा है कि भारत के जी-सैट30 सैटेलाइट को गुआना स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। इससे पहले 1981 में प्रयोगात्मक उपग्रह एपल को लॉन्च किया था। एरियन स्पेस से 23 उपग्रहों की परिक्रमा चल रही है और भारत ने 24 उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए करार किया है।
जी-सैट-31 फरवरी में हुआ था लॉन्च
गुआना के स्पेस सेंटर से 6 फरवरी 2019 को संचार उपग्रह जी-सैट 31 को लॉन्च किया गया था। इसी तरह यहींसे 5 दिसंबर 2018 को 5,854 किलोग्राम वजनी जी-सैट11 को प्रक्षेपित किया गया था जो इसरो द्वारा निर्मित सबसे भारी उपग्रह था। इस उपग्रह से देशभर में इंटरनेट पहुंचाना था।
विशेषज्ञों का मानना है कि महज एक उपग्रह की लॉन्चिंग के लिए पूरी जीएसएलवी-एमके-3 तकनीक को अपनाने में समय लगता है। इस कारण उन देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों से संपर्क किया जाता है जो इस तरह की तकनीक से उपग्रह को लॉन्च कर रही हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी दूसरे देशों के मिशन को अपने स्पेस सेंटर से अंजाम देती हैं।