इस्राइल द्वारा गाजा में बीती रात किए गए हवाई हमलों में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि भले ही इस्राइल पर युद्धविराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हमले जारी रखने पर अड़े हुए हैं। शनिवार तड़के मध्य और उत्तरी गाजा में हुए हमलों में कई लोग अपने घरों में मारे गए। इनमें नुसेरात शरणार्थी शिविर में एक ही परिवार के नौ सदस्य शामिल थे। उनके शव अल-अवदा अस्पताल लाए गए हैं।
शनिवार सुबह गाजा सिटी के तुफाह इलाके में एक घर पर किए गए हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। जिनमें आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे थे। शरणार्थी शिविर में हुए एक और हवाई हमले में चार और लोगों की मौत हुई।
अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र ढहने की कगार पर
गाजा सिटी के अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र ढहने की कगार पर हैं। लगभग दो हफ्ते से जारी हमलों में दो क्लिनिक पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। दो अस्पताल क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गए और बाकी अस्पताल दवाओं, उपकरणों, भोजन और ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं। कई डॉक्टरों और नर्सों को अस्पताल छोड़ना पड़ा है। जिससे केवल कुछ ही लोग गंभीर मरीजों और बच्चों की देखभाल कर पा रहे हैं।
डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स
शुक्रवार को ‘डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स’ ने गाजा सिटी में अपनी सेवाएं निलंबित कर दीं। संगठन ने बताया कि इस्राइली टैंक उनके स्वास्थ्य केंद्रों से आधा मील दूर तक पहुंच गए हैं और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उत्तरी गाजा में खाद्य संकट की स्थिति और बिगड़ गया है। इस्राइल ने 12 सितंबर से यहां राहत सामग्री की आपूर्ति रोक दी थी और संयुक्त राष्ट्र की बार-बार की गई अपीलों को भी खारिज कर दिया था। गाजा प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस्राइली हमलों में अब तक 65,000 से अधिक लोग मारे गए और 1,67,000 से अधिक घायल हुए हैं। मंत्रालय कहता है कि मृतकों में लगभग आधे महिलाएं और बच्चे हैं।
नेतन्याहू जब भाषण देने आए तो कई देशों के प्रतिनिधि चले गए
ये हमले शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा विश्व नेताओं से यह कहने के कुछ घंटों बाद हुए कि उनके देश को गाजा में हमास के खिलाफ काम पूरा करना होगा। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में जब नेतन्याहू भाषण देने आए तो कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए थे। नेतन्याहू ने पश्चिम-एशिया की स्थिति पर अपने भाषण की शुरुआत की ही थी कि हॉल में कुछ देशों के प्रतिनिधी बाहर जाने का निर्णय लिया। भाषण के दौरान हॉल में समझ न आने वाले नारे भी गूंजे, नेतन्याहू का समर्थन करते वाला अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वहां मौजूद रहा। वहीं, कुछ हिस्सों में नेतन्याहू के भाषण की शुरुआत पर तालियां भी गूंजीं।
कुछ प्रतिनिधियों ने तालियों से किया स्वागत
नेतन्याहू ने अपने भाषण के दौरान 'अभिशाप' शीर्षक वाला एक क्षेत्रीय मानचित्र भी दिखाया और उस पर निशान लगाकर अपनी बात को रेखांकित किया। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में जब नेतन्याहू भाषण देने आए तो कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए। नेतन्याहू ने पश्चिम-एशिया की स्थिति पर अपने भाषण की शुरुआत की ही थी कि हॉल में कुछ देशों के प्रतिनिधियों ने बाहर जाने का निर्णय लिया। भाषण के दौरान हॉल में समझ न आने वाले नारे भी गूंजे, नेतन्याहू का समर्थन करने वाला अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वहां मौजूद रहा। वहीं, कुछ हिस्सों में नेतन्याहू के भाषण की शुरुआत पर तालियां भी गूंजीं। नेतन्याहू ने अपने भाषण के दौरान 'अभिशाप' शीर्षक वाला एक क्षेत्रीय मानचित्र भी दिखाया और उस पर निशान लगाकर अपनी बात को रेखांकित किया।
ट्रंप का दावा- गाजा समझौता करीब, बंधकों की जल्द रिहाई
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह गाजा युद्ध को समाप्त करने और बंधकों को रिहाई के लिए समझौते के करीब हैं। ट्रंप ने यह बयान न्यूयॉर्क में राइडर कप गोल्फ टूर्नामेंट के लिए व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले दिया। उन्होंने कहा, ऐसा लग रहा है कि हमारे पास गाजा पर समझौता है। यह समझौता बंधकों को वापस लाएगा और युद्ध समाप्त करेगा। हालांकि, ट्रंप ने कोई विवरण या समयसीमा नहीं दी।
व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रंप इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से व्हाइट हाउस में जल्द मुलाकात करेंगे, ताकि समझौते का रूपरेखा तैयार की जा सके। इस बीच, अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में मौजूद अंतरराष्ट्रीय नेताओं को 21-बिंदुओं वाला पश्चिम-एशिया शांति प्रस्ताव पेश किया, जिसका उद्देश्य गाजा में करीब दो साल से जारी युद्ध को समाप्त करना है। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ के अनुसार, यह प्रस्ताव सऊदी अरब, यूएई, कतर, मिस्र, जॉर्डन, तुर्की, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के अधिकारियों को भेजा गया। अमेरिका की योजना में सभी बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करना है। कतर पर इस्राइली हमलों को रोकना और इस्राइल तथा फलस्तीन के बीच शांति संवाद स्थापित करना है।