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Gaza Crisis: इस्राइली हमलों में 30 और फलस्तीनियों की मौत, युद्धविराम के बाद यह मृतकों का सबसे बड़ा आंकड़ा

Sat, 31 Jan 2026 05:45 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दीर अल-बलाह (गाजा)।

सार

Gaza Crisis: गाजा पर इस्राइल के ताजा हमलों में 30 फलस्तीनियों की मौत हो गई। अक्तूबर में संघर्ष विराम के बाद मौत का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस्राइल हमास पर संघर्षविराम के उल्लंघन के नए आरोप लगा रहा है। पढ़ें रिपोर्ट-
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गाजा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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इस्राइली हमलों में शनिवार (स्थानीय समय) को 30 फलस्तीनी मारे गए। पिछले साल अक्तूबर में हुए संघर्षविराम के बाद सबसे अधिक अधिक मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा है। संघर्षविराम का मसकसद दो साल से जारी जंग को रोकना था। 
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यह हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब एक दिन पहले ही इस्राइल ने हमास पर संघर्षविराम के उल्लंघन का नया आरोप लगाया। गाजा में विभिन्न इलाकों में हमले किए गए, जिनमें एक शिविर, एक आवासीय इमारत और एक थाना शामिल हैं।

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इससे पहले इस्राइल ने घोषणा की थी कि इस साप्ताहांत पर मिस्र की सीमा पर स्थित रफाह क्रॉसिंग को खोला जाएगा। यह क्रॉसिंग पिछले साल हुए उस समझौते का एक हिस्सा है, जिसे युद्ध खत्म करने की दिशा में एक अहम रास्ता माना जा रहा था। 

कैसे शुरू हुआ था युद्ध?
सात अक्तूबर, 2023 को हमास के लड़ाकों ने दक्षिण इस्राइल पर हमला किया। उस समय वहां कई लोग नोवा उत्सव मना रहे थे। हमलों में 1,200 से अधिक लोग मारे गए और ढाई सौ से अधिक को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया। इसके बाद इस्राइल ने युद्ध का एलान किया और गाजा में जवाबी हमले किए। इन हमलों में 60 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए। स्थिति इतनी खराब हो गई थी, लोग भुखमरी और अकाल का सामना कर रहे थे।
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बाद में अमेरिकी और कतर, मिस्र समेत मध्यस्थ देशों ने युद्धविराम की योजना पेश की। इस योजना के तहत गाजा से सभी बंधकों की रिहाई होनी थी। वहीं, इस्राइल को हमास के लड़ाकों और फलस्तीनियों को रिहा करना था। इस समझौते में कई शर्तें थीं और कई चरणों में इसे पूरा होना था। 


 
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