584 दिनों तक हमास की कैद में रहने के बाद, इस्राइली-अमेरिकी बंधक एडन अलेक्जेंडर अब इस्राइल लौट आए हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे एक भावनात्मक क्षण बताया। उन्होंने अलेक्जेंडर का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस्राइली सैन्य दबाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कूटनीतिक प्रयासों के चलते अलेक्जेंडर की वापसी संभव हो सकी है। नेतन्याहू ने इसे एक विजयी संयोजन बताया।
अलेक्जेंडर का स्वागत करते हुए पीएम नेतन्याहू ने कहा कि यह एक बहुत ही भावनात्मक क्षण है। एडन घर लौट आए हैं। हम उन्हें और उनके परिवार को गले लगाते हैं। यह हमारे सैन्य दबाव और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए कूटनीतिक दबाव की बदौलत हासिल हुआ है। यह एक विजयी संयोजन है।
ट्रंप ने साथ काम करने का दिलाया भरोसा: नेतन्याहू
नेतन्याहू ने आगे कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है। ट्रंप ने इस्राइल के साथ काम करने का भरोसा दिलाया है। नेतन्याहू ने कहा, 'मैंने आज राष्ट्रपति ट्रंप से बात की। उन्होंने कहा कि मैं इस्राइल के साथ काम करना जारी रखूंगा, ताकि हमारे सभी युद्ध उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके, जिसमें सभी बंधकों की रिहाई और हमास को हराना शामिल हैं।'
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58 बंधकों को वापस घर लाना भी प्राथमिकता: शोशानी
इस बीच, इस्राइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी ने कहा कि बाकी 58 बंधकों को वापस घर लाना भी उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने गाजा में आतंकवादी समूहों के खिलाफ अभियान जारी रखने के लिए इस्राइल की प्रतिबद्धता की पुष्टि भी की। शोशानी ने कहा, 'एडन अलेक्जेंडर आखिरकार 584 दिनों तक हमास की कैद में रहने के बाद आज घर लौट आया। यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि गाजा में हमारे शेष 58 बंधक घर लौट आएं। आईडीएफ हमास को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी मोर्चों पर आतंकवादी खतरों के खिलाफ अभियान जारी रखेगा।'
बंधकों और लापता परिवारों के फोरम ने एडन का स्वागत किया
बंधकों और लापता परिवारों के फोरम ने भी अमेरिकी-इस्राइली बंदी एडन की रिहाई का स्वागत किया। फोरम ने कहा कि कैद के 584 कष्टदायक दिनों के बाद एडन की वापसी उम्मीद की किरण है। अब बाकी 58 बंधकों को भी घर लाना चाहिए।
गोलानी ब्रिगेड में सैनिक थे एडन अलेक्जेंडर
बंधकों और लापता परिवारों के फोरम ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'एडन का स्वागत है। अमेरिका के टेनफ्ली, न्यू जर्सी का 21 वर्षीय एडन अलेक्जेंडर गोलानी ब्रिगेड में सैनिक थे, जिसे उनके बेस से अगवा कर लिया गया था। अब 584 दिनों बाद उसे रिहा कर दिया गया। 18 साल की उम्र में वह अकेले इस्राइल आए और सैनिक के रूप में IDF के लिए स्वयंसेवक बनने का फैसला किया। अब एडन अपने माता-पिता येल और आदि, अपने भाइयों लामिका और रॉय, अपने पूरे परिवार और इस्राइल व अमेरिका में मौजूद अपने कई दोस्तों के पास लौट आए हैं, जो उन्हें ढेर सारा प्यार और समर्थन देंगे।'
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युद्धविराम के प्रयासों के तहत एडन को रिहा किया: हमास
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमास ने कहा कि उसने गाजा में युद्धविराम के लिए मध्यस्थों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के तहत एडन अलेक्जेंडर को रिहा किया है। वहीं, पीएम नेतन्याहू ने कहा कि वह अन्य बंदियों की रिहाई पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को कतर में मध्यस्थों को भेजेंगे।
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