इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हेग की अदालत पर उसके यहूदी विरोधी फैसले के लिए पलटवार किया। उन्होंने इस फैसले की तुलना ड्रेफस मुकदमे से की और कहा कि यह उसी तरह खत्म होगा। साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
क्या है ताजा मामला?
बता दें, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने गुरुवार को इस्राइली प्रधानमंत्री, उनके पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट और कई हमास अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उन पर गाजा में युद्ध और अक्तूबर 2023 के हमलों से उपजे युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का आरोप लगाया, जिसने फलस्तीनी क्षेत्र में इस्राइल के आक्रमण की शुरुआत की।
आईसीसी के इस निर्णय से नेतन्याहू और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित संदिग्ध बन गए हैं। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के इस कदम के बाद से 13 महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए संघर्ष विराम पर बातचीत करने के प्रयासों में जटिलता आने की आशंका है। हालांकि, इसके व्यावहारिक प्रभाव सीमित हो सकते हैं क्योंकि इस्राइल और उसका प्रमुख सहयोगी अमेरिका, आईसीसी के सदस्य नहीं हैं।
क्या बोले इस्राइली पीएम?
नेतन्याहू ने वारंट जारी होने के कुछ घंटों बाद ही एक्स पर एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा, 'हेग में स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत का यहूदी विरोधी फैसला आधुनिक ड्रेफस मुकदमा है और यह उसी तरह खत्म होगा।'
क्या है ड्रेफस ट्रायल?
ड्रेफस ट्रायल 1894 के एक फ्रेंच मिलिटरी के यहूदी सैन्य अधिकारी के खिलाफ चलाया गया मुकदमा था। उस अधिकारी को राजनीतिक भ्रष्टाचार के लिए दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सैन्य अधिकारी पर आरोप था कि फ्रेंच मिलिट्री के गुप्त दस्तावेजों को उसने लीक किया। हालांकि, बाद में वह निर्दोष पाए गए और फ्रांस की सेना में फिर अधिकारी के तौर पर नियुक्त किए गए थे।
नागरिकों को निशाना बनाने का लगा रहे झूठा आरोप: नेतन्याहू
इस्राइली पीएम ने आगे कहा, 'एक फ्रांसीसी न्यायाधीश की अध्यक्षता में हेग की अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इस अपमानजनक अपराध को दोहराया जा रहा है। यह मुझ पर, इस्राइल के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट पर जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने का झूठा आरोप लगा रहा है। यह तब है जब हम नागरिक हताहतों से बचने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि इस्राइली अधिकारी गाजा में नागरिकों को खतरे से बचाने के लिए विभिन्न माध्यमों से निकासी संदेश भेज रहे हैं, जबकि हमास आतंकवादी उन्हें खतरे में रखने के लिए सब कुछ कर रहे हैं, जिसमें उन पर गोली चलाना और मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करना शामिल है।
सहायता आपूर्ति रोकने का भी आरोप
आईसीसी ने यह भी आरोप लगाया कि नेतन्याहू प्रशासन ने गाजा में नागरिकों को भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता जैसी आवश्यक आपूर्ति को प्रतिबंधित कर दिया, जिससे बच्चों सहित गंभीर मानवीय संकट और मौतें हुईं। इस पर नेतन्याहू ने उस दावे का खंडन करते हुए कहा कि इस्राइल ने गाजा के नागरिकों को 700,000 टन भोजन उपलब्ध कराया है।
प्रधानमंंत्री ने अविश्वास व्यक्त करते हुए कहा, 'पिछले कुछ सप्ताहों में इस्राइल ने गाजा के 97 प्रतिशत लोगों को पोलियो के खिलाफ टीका लगाने में मदद की है। यह न्यायालय को हम पर नरसंहार का आरोप लगाने से नहीं रोकता है।' उन्होंने आगे कहा कि गाजा में इस्राइल का युद्ध सात अक्तूबर, 2023 को हमास द्वारा यहूदी राष्ट्र पर 'बिना उकसावे' के हमला करने के ठीक बाद हुआ था।
अदालत पर आंखें मूंदने का आरोप
नेतन्याहू ने दावा किया कि अभियोक्ता उनके और पूर्व रक्षा मंत्री के खिलाफ झूठे आरोप लगा रहा है, बस यौन उत्पीड़न के आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश में। उन्होंने आईसीसी के न्यायाधीशों की आलोचना की और उन पर ईरान, सीरिया और यमन में किए गए 'वास्तविक युद्ध अपराधों' पर आंखें मूंद लेने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'न ही अदालत ने हमास के आतंकवादियों के खिलाफ कुछ किया, जिन्होंने हमारी महिलाओं का दुष्कर्म किया, हमारे पुरुषों का सिर कलम किया, उनके माता-पिता के सामने बच्चों को जिंदा जला दिया और सैकड़ों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को गाजा की भूमिगत काल कोठरी में अपहरण कर लिया।'
'भुगतने होंगे गंभीर नतीजे'
उन्होंने कड़ी चेतावनी भी दी और कहा कि आईसीसी और उसके फैसले का समर्थन करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने ईरान पर हमास, हिजबुल्ला और हूतियों के माध्यम से इस्राइल के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, 'हमारे दुश्मन आपके दुश्मन हैं। हमारी जीत आपकी जीत होगी। बर्बरता और अत्याचार पर सभ्यता की जीत होगी।'
अमेरिका ने नेतन्याहू के खिलाफ आईसीसी गिरफ्तारी वारंट खारिज किया
अमेरिका ने शुक्रवार को इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के फैसले को खारिज कर दिया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने एक प्रेस ब्रीफिंग में फैसले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, 'हम वरिष्ठ इस्राइली अधिकारियों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अदालत के फैसले को मौलिक रूप से अस्वीकार करते हैं।'