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इस्राइल: सांसद के इस्तीफा देने से प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की सरकार ने बहुमत गंवाया, चुनाव की संभावना बढ़ी

Wed, 06 Apr 2022 08:56 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरूशलम

सार

सांसद इडित सिलमैन के समर्थन वापस लेने के कारण कार्यभार संभालने के एक साल के भीतर ही देश में चुनाव की संभावना बढ़ गई है। पीएम बेनेट की सरकार सत्ता में है किंतु 120 सीट वाली संसद में वह कमजोर हो गई है और आगे उसे कामकाज के सुचारू संचालन में कठिनाई आएगी। 
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इजरायल के पीएम नफ्ताली बेनेट - फोटो : Social media
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विस्तार
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इस्राइली सांसद इडित सिलमैन ने देश के अस्पतालों में खानपान संबंधी नियमों को लेकर छिड़े विवाद के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग होने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद संसद में प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की सरकार अल्पमत में आ गई है।

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सांसद इडित सिलमैन के समर्थन वापस लेने के कारण कार्यभार संभालने के एक साल के भीतर ही देश में चुनाव की संभावना बढ़ गई है। पीएम बेनेट की सरकार सत्ता में है किंतु 120 सीट वाली संसद में वह कमजोर हो गई है और आगे उसे कामकाज के सुचारू संचालन में कठिनाई आएगी। 

सरकारी रेडियो मुताबिक धार्मिक राष्ट्रवादी ‘यामिना पार्टी’ की सिलमैन ने सरकारी अस्पतालों में खमीरी रोटी और अन्य खाद्य पदार्थ लाने की अनुमति का विरोध किया है। धार्मिक परंपरा के अनुसार ये उत्पाद प्रतिबंधित हैं। कुछ धर्मनिष्ठ यहूदियों के लिए अस्पताल में इनकी मौजूदगी धार्मिक परंपरा के हिसाब से ठीक नहीं है।
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सत्तारूढ़ गठबंधन में आठ दल
सत्तारूढ़ गठबंधन में आठ राजनीतिक दल हैं, जिसमें इस्लामवादी से लेकर रूढ़िवादी राष्ट्रवादी और उदारवादी भी शामिल हैं। पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का विरोध करने के लिए ये सभी दल साथ आए थे। इस्राइली संसद ‘नेसेट’ में अब बेनेट के गठबंधन के 60 सदस्य होंगे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या विपक्ष के पास अविश्वास प्रस्ताव रखने के लिए पर्याप्त समर्थन होगा।

भारत ने इस्राइल के साथ किया करार
इस बीच हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने भारत में सिविल (यात्री) विमान को मल्टी मिशन टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमएमटीटी) विमान में बदलने के लिए इस्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

समझौते के तहत, एचएएल पूर्व-स्वामित्व वाले नागरिक (यात्री) विमानों को कार्गो और परिवहन क्षमताओं के साथ हवाई ईंधन वाले विमान में परिवर्तित करेगा। बेंगलुरु मुख्यालय वाली कंपनी ने बुधवार को एक बयान में कहा, यह कदम भारत के रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ नई क्षमता और समाधान प्रदान करेगा। बयान में कहा गया है कि समझौता ज्ञापन प्रमुख रक्षा प्लेटफार्मों के विकास, निर्माण और उत्पादन में एचएएल और आईएआई की दशकों की लंबी विशेषज्ञता की सुविधा प्रदान करेगा।

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