Benjamin Netanyahu: युद्ध शुरू होने के बाद पहली यात्रा में यूएस क्यों गए नेतन्याहू, इसका विरोध क्यों हो रहा?
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 24 Jul 2024 07:21 PM IST
सार
Benjamin Netanyahu US Visit: इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान नेतन्याहू का अमेरिकी संसद (कांग्रेस) को भी संबोधित करेंगे। अमेरिका के कई हिस्सों में नेतन्याहू की यात्रा का विरोध भी हो रहा है। कई अमेरिकी सांसदों ने संबोधन का बहिष्कार करने की भी योजना बनाई है।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अमेरिका दौरा
- फोटो : AMAR UJALA
बीते नौ महीने से भी ज्यादा समय से इस्राइल और हमास के बीच जंग छिड़ी हुई है। पिछले साल 7 अक्तूबर को इस्राइली इलाकों में हमास के घातक हमले के बाद यह संघर्ष जारी है। युद्ध का केंद्र अब गाजा बना हुआ है जहां हजारों लोग मारे जा चुके हैं और जो जिंदा बच गए, उन्हें अपने घर-बार छोड़ने पड़े हैं। दूसरी ओर उन परिवारों का भी दुख है जो 7 अक्तूबर के हमले के बाद हमास ने बंधक बना लिए गए थे और उन्हें अब तक कैद में रखा गया है। इस जंग ने दुनिया को दो हिस्सों में बांटकर रख दिया। कोई देश इस्राइल के पक्ष में खड़ा हुआ तो दूसरे ने फलस्तीन का समर्थन किया।
इस संघर्ष के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका का दौरा कर रहे हैं जिस पर दुनिया नजर गड़ाए हुए है। 7 अक्तूबर को युद्ध छिड़ने के बाद से नेतन्याहू की यह पहली विदेश यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका में राजनीतिक उथल-पुथल मचा हुआ है। दौरे से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा है कि अब समय आ गया कि युद्ध को समाप्त किया जाए। उधर अमेरिका के कई हिस्सों में नेतन्याहू का विरोध भी हो रहा है।
आइये जानते हैं कि इस्राइली प्रधानमंत्री के अमेरिका दौरे का कार्यक्रम क्या है? इस यात्रा में क्या-क्या होना है? आखिर यह यात्रा क्यों अहम है? नेतन्याहू की यात्रा का विरोध क्यों हो रहा है?
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अमेरिका दौरा
- फोटो : AMAR UJALA
बीते नौ महीने से भी ज्यादा समय से इस्राइल और हमास के बीच जंग छिड़ी हुई है। पिछले साल 7 अक्तूबर को इस्राइली इलाकों में हमास के घातक हमले के बाद यह संघर्ष जारी है। युद्ध का केंद्र अब गाजा बना हुआ है जहां हजारों लोग मारे जा चुके हैं और जो जिंदा बच गए, उन्हें अपने घर-बार छोड़ने पड़े हैं। दूसरी ओर उन परिवारों का भी दुख है जो 7 अक्तूबर के हमले के बाद हमास ने बंधक बना लिए गए थे और उन्हें अब तक कैद में रखा गया है। इस जंग ने दुनिया को दो हिस्सों में बांटकर रख दिया। कोई देश इस्राइल के पक्ष में खड़ा हुआ तो दूसरे ने फलस्तीन का समर्थन किया।
इस संघर्ष के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका का दौरा कर रहे हैं जिस पर दुनिया नजर गड़ाए हुए है। 7 अक्तूबर को युद्ध छिड़ने के बाद से नेतन्याहू की यह पहली विदेश यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका में राजनीतिक उथल-पुथल मचा हुआ है। दौरे से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा है कि अब समय आ गया कि युद्ध को समाप्त किया जाए। उधर अमेरिका के कई हिस्सों में नेतन्याहू का विरोध भी हो रहा है।
आइये जानते हैं कि इस्राइली प्रधानमंत्री के अमेरिका दौरे का कार्यक्रम क्या है? इस यात्रा में क्या-क्या होना है? आखिर यह यात्रा क्यों अहम है? नेतन्याहू की यात्रा का विरोध क्यों हो रहा है?
जो बाइडन, बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : ANI
इस्राइली प्रधानमंत्री के अमेरिका दौरे का कार्यक्रम क्या है?
नेतन्याहू अपनी इस यात्रा के दौरान नेतन्याहू अमेरिकी संसद कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले हैं। रिकॉर्ड चौथी बार वह अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे। तीन दिवसीय यात्रा में इस्राइली प्रधानमंत्री राष्ट्रपति जो बाइडन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात करेंगे। गुरुवार को बाइडन और नेतन्याहू की मुलाकात होने की उम्मीद है। कमला हैरिस भी उसी दिन नेतन्याहू से अलग से मुलाकात करेंगी। वहीं ट्रंप ने इस्राइली नेता के साथ शुक्रवार को बैठक के लिए सहमति जताई है। पूर्व राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की है।
इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : एएनआई
नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा की वजह क्या है?
इस्राइली नेता का अमेरिकी कैपिटल का दौरा कूटनीति, राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू के लिए राजनीतिक पहलू यह है कि घरेलू स्तर पर उनकी लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है। इस यात्रा को उन्हें खुद को एक वैश्विक राजनेता के रूप में दिखाने का मौका देने के रूप में देखा जा रहा है।
गुरुवार को बाइडन और नेतन्याहू की मुलाकात के दौरान गाजा में युद्ध विराम समझौते पर बातचीत हो सकती है।अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि बाइडन ने इस पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है कि आगामी समय में बंधकों की रिहाई और युद्ध विराम समझौते को पूरा करने के लिए अमेरिका, इस्राइल और अन्य देशों के लिए क्या करना होगा। बाइडन ने सोमवार को चुनाव प्रचार की एक बैठक में कहा, 'मुझे लगता है कि हम युद्ध समाप्त करने के कगार पर हैं।'
उधर नेतन्याहू ने सोमवार को इस्राइल से रवाना होने से पहले दीर्घकालिक मुद्दों की ओर इशारा किया था। उन्होंने कहा था कि वह बाइडन से हमास के खिलाफ युद्ध जारी रखने, क्षेत्र में ईरान समर्थित अन्य सशस्त्र समूहों का सामना करने और बंधकों को मुक्त कराने के बारे में बात करना चाहते हैं।
नेतन्याहू की यात्रा का विरोध क्यों हो रहा है?
हमास के साथ इस्राइल का युद्ध अमेरिका में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इसके कारण विरोध प्रदर्शन हुए और कॉलेज परिसरों में गिरफ्तारियां हुईं। विरोध की तीव्रता इस्राइल प्रधानमंत्री के अमेरिकी दौरे पर और तेज हो गई है। मंगलवार को राजधानी वाशिंगटन में हमास के कब्जे में फंसे बंधकों के परिवारों ने प्रदर्शन किया। सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन बुधवार की सुबह को हुआ जिसमें युद्ध अपराध के आरोपों में नेतन्याहू की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कैपिटल बिल्डिंग के आसपास मार्च किया गया। इसमें कम से कम 5,000 के शामिल होने का अनुमान था। हालांकि, मार्च पूरा होने से पहले सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रदर्शन में शामिल एक बंधक के रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू सत्ता में बने रहने के लिए युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के समझौते को टाल रहे हैं। इन परिवारों ने नेतन्याहू से मांग की कि वे युद्ध विराम समझौते पर सहमत हों, जिससे बंधकों को वापस घर लाया जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने भी नेतन्याहू की यात्रा का विरोध किया है। कुछ सांसदों ने संबोधन का बहिष्कार करने की भी योजना बनाई है। इन नेताओं ने कहा कि वे यह समय हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के परिवारों से बातचीत में बिताएंगे।
कैपिटल और पोटोमैक नदी के किनारे स्थित होटल के प्रवेश द्वारों के आसपास बाड़ लगाई गई है, जहां नेतन्याहू ठहरे हुए हैं। इस्राइली नेता के दौरे के लिए कैपिटल पुलिस और सीक्रेट सर्विस के जवान बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं।