इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने बुधवार को बताया कि हमास ने जो चार शव मंगलवार को सौंपे थे, उनमें से एक किसी भी बंधक का नहीं है। इन शवों को अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते के तहत लौटाया गया था। यह जानकारी युद्धविराम के बीच तनाव और बढ़ा सकती है।
मंगलवार को हमास ने चार शव लौटाए थे। इससे पहले सोमवार को भी चार शव सौंपे गए थे और अंतिम 20 जीवित बंधकों को रिहा किया गया था। कुल मिलाकर, इस्राइल अब भी 28 मृत बंधकों के शवों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहा है।
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इस्राइली सेना ने बयान में क्या कहा?
आईडीएफ ने कहा, राष्ट्रीय फोरेंसिक चिकित्सा संस्थान में जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मंगलवार को लौटाया गया चौथा शव किसी बंधक का नहीं है। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि हमास को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड की ओर से तय किए गए समझौते की सभी शर्तें पूरी करनी होंगी, जिसमें मृत बंधकों के शवों की वापसी भी शामिल है।
उन्होंने कहा, हम इसमें कोई समझौता नहीं करेंगे और जब तकअंतिम शव भी वापस नहीं आ जाता, हम प्रयास बंद नहीं करेंगे। समझौते के मुताबिक, सभी जीवित और मृत बंधकों को सोमवार तक सौंपा जाना था। अगर ऐसा न हो पाए, तो हमास को मृत बंधकों की जानकारी साझा करनी थी और शव जल्द से जल्द लौटाने की कोशिश करनी थी।
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पहले भी गलत शव लौटा चुका हमास
यह पहली बार नहीं है, जब हमास ने गलत शव लौटाया हो। इससे पहले एक युद्धविराम के दौरान हमास ने कहा था कि उसने शिरी बिबास और उसके दो बेटों के शव सौंपे हैं। लेकिन बाद में जांच में पता चला कि उनमें से एक शव एक फलस्तीनी महिला का था। अगले दिन बिबास का सही शव लौटाया गया था।
हमास ने इस्राइल पर लगाया समझौते के उल्लंघन का आरोप
हमास के प्रवक्ता हजेम कासिम ने बुधवार को टेलीग्राम पर कहा कि उनकी तरफ से समझौते के तहत बंधकों के शव लौटाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्राइल ने मंगलवार को गाजा सिटी और रफाह में गोलीबारी करके समझौते का उल्लंघन किया।
सीमाओं के पास आने वाले को बनाएंगे निशाना: इस्राइली रक्षा मंत्री
इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा कि सेना तय समझौते के तहत सीमाओं पर तैनानी का काम कर रही है और जो भी इन सीमाओं के पास आएगा, उसे निशाना बनाया जाएगा, जैसा मंगलवार को कुछ लड़ाकों के साथ हुआ।