इस्राइल में एक बार फिर राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। इस्राइल की संसद को फिर से भंग कर दिया गया है। इस्राइली संसद द्वारा बजट पारित करने में विफल रहने के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार गिर गई है। अब देश दो साल में चौथे आम चुनाव की ओर बढ़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्राइल में चौथे आम चुनाव अगले साल 23 मार्च को हो सकते हैं। यह 2019 के बाद से चौथा चुनाव होगा।
इस साल की शुरुआत में, तीन अनिर्णायक चुनावों के बाद, गैंट्ज ने अप्रैल में नेतन्याहू के साथ जुड़ने के लिए सहमति व्यक्त की थी, जिसे आपातकालीन गठबंधन सरकार के रूप में वर्णित किया गया था। उस दौरान तय किया गया थी कि प्रधानमंत्री का पद दोनों नेताओं को मिलेगा। नेतन्याहू पहले सेवा करेंगे और फिर 18 महीने के बाद गैंट्ज को यह पद देंगे।
संसद स्वतः भंग
इससे पहले मंगलवार को सरकार को कायम रखने और संसद को स्वतः भंग होने से रोकने की आखिरी कोशिश भी नाकाम हो गई। बजट समझौते को लेकर गठबंधन सरकार की दो प्रमुख पार्टियों के बीच बातचीत विफल हो गई और संसद के देर रात्रि तक चले सत्र में लिकुड और ब्लू एवं व्हाइट पार्टी के सदस्यों ने मंगलवार तक बजट पारित करने की समयसीमा को दो और हफ्ते बढ़ाने के खिलाफ वोट दिया। प्रस्ताव के खिलाफ 49 वोट पड़े जबकि पक्ष में 47 वोट पड़े।
मई में बनी थी गठबंधन सरकार
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और रक्षा मंत्री बैनी गैंट्ज की ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के बीच मई में सरकार के बनने के बाद से ही बजट को लेकर विवाद था। नेतन्याहू और गैंट्ज ने मंगलवार तक बजट पारित करने की समय सीमा को दो और हफ्ते बढ़ाने के लिए प्रस्ताव दिया था, ताकि 2020 के बजट को लेकर किसी समझौते पर पहुंचा जा सके, लेकिन दोनों पार्टियों के सदस्यों ने ही संसद में इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान कर दिया।