इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने शनिवार को घोषणा की कि उन्होंने और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस्राइली सेना को दक्षिणी लेबनान के 'सुरक्षा क्षेत्र' में लंबे समय तक तैनात रहने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे संकेत मिलता है कि वापसी की अंतरराष्ट्रीय अपीलों के बावजूद सेना की मौजूदगी लंबे समय तक जारी रह सकती है।
रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने क्या कहा?
- काट्ज ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि सेना दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में अपनी तैनाती जारी रखेगी, जिसमें शकीफ क्षेत्र भी शामिल है।
- उन्होंने कहा कि सेना तब तक वापसी नहीं करेगी, जब तक पूरे लेबनान में हिजबुल्ला को निरस्त्र नहीं किया जाता।
- रक्षा मंत्री ने कहा कि समझौते में तय किया गया अहम पहलू यह है कि जब तक चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला पूरे लेबनान में निरस्त्र नहीं हो जाता, तब तक इस्राइल दक्षिणी लेबनान से न तो फिर से तैनाती करेगा और न ही वापसी करेगा।
सुरक्षा क्षेत्र क्या है?
सुरक्षा क्षेत्र का मतलब लेबनान के अंदर लगभग 10 किलोमीटर (छह मील) चौड़ी एक बफर पट्टी से है, जो सीमा के साथ बनी हुई है। इसे 2024 और 2025 में हिजबुल्ला के साथ हुए हालिया युद्ध के दौरान बनाया गया था और 2 मार्च के बाद इस्राइल के बढ़ते हमलों के साथ इसका विस्तार किया गया।
सबसे रणनीतिक स्थानों में से एक है शकीफ क्षेत्र
शकीफ क्षेत्र दक्षिणी लेबनान के सबसे रणनीतिक स्थानों में से एक है। यह ऊंचे इलाके पर स्थित है और लितानी नदी के मोड़ के पास है, जहां से दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से और उत्तरी इस्राइल के गैलिली क्षेत्र पर नजर रखी जा सकती है।
इस्राइल-लेबनान में फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर
काट्ज की ओर से यह घोषणा उस समय आई है, जब एक दिन पहले ही लेबनान और इस्राइल ने अमेरिका की मध्यस्थता में एक फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें लेबनान से इस्राइली सेना की धीरे-धीरे वापसी की बात कही गई है, जिसकी शुरुआत दो अज्ञात पायलट क्षेत्रों से होगी।
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हालांकि, इस समझौते में वापसी की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं दी गई है और इसे इस शर्त से जोड़ा गया है कि लेबनानी सेना खाली किए गए क्षेत्रों में पूरी सुरक्षा जिम्मेदारी संभाले और सभी गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों, विशेषकर हिजबुल्ला को निरस्त्र किया जाए।
ईरान को दी चेतावनी
रक्षा मंत्री ने ईरान को भी कड़ी चेतावनी दी और कहा, अगर ईरान इस समझौते को लागू होने से रोकने के लिए इस्राइल पर हमला करने की कोशिश करता है, तो हम उसके खिलाफ बहुत ताकत से कार्रवाई करेंगे और अपनी क्षमताओं का अंतर दिखा देंगे। यह चेतावनी इस्राइली नेतृत्व के हालिया बयानों से मेल खाती है, जिसमें नेतन्याहू ने कहा था कि इस्राइल अपनी उत्तरी सीमा की सुरक्षा के लिए जितनी आवश्यकता होगी उतनी देर तक दक्षिणी लेबनान में रहेगा।