दक्षिणी लेबनान में इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सोमवार तड़के इस्राइली वायुसेना ने कफर रुम्मान गांव में दो हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में एक बच्चा और दो महिलाएं शामिल हैं। घायलों में भी चार बच्चे और दो महिलाएं हैं।
कफर रुम्मान गांव में इस्राइली हमलों में क्या हुआ?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एक हमला एक इमारत पर हुआ, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई। वहीं, दूसरे हमले में एक कार को निशाना बनाया गया। इसमें लेबनानी इस्लामिक रिसाला स्काउट एसोसिएशन के एक पैरामेडिक की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हुए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, गांव के बाहरी इलाकों में पहले से ही गोलाबारी को लेकर डर का माहौल था। हमले के बाद गांव के बीच स्थित एक इमारत पूरी तरह तबाह हो गई, जहां परिवार बच्चों के साथ रहते थे।
क्या इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम फिर खतरे में है?
ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच दो महीने से ज्यादा समय पहले युद्धविराम हुआ था। हालांकि, इस समझौते का कई बार उल्लंघन हो चुका है। इस्राइल लेबनान में हवाई हमले करता रहा है, जबकि हिजबुल्ला की ओर से इस्राइली सैनिकों पर ड्रोन हमले किए गए हैं।
- इस्राइली सेना ने कुछ दिन पहले रणनीतिक रूप से अहम अली ताहेर पहाड़ी पर 'ऑपरेशनल कंट्रोल' होने की बात कही थी।
- यह पहाड़ी कई गांवों और नबातियेह शहर की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों पर नजर रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
- सोमवार को ही इस्राइली सेना ने देइर अल-जहरानी गांव में एक मकान खाली करने की चेतावनी जारी की थी।
- इसके कुछ ही समय बाद वहां एक इमारत पर हमला हुआ। हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की तत्काल जानकारी नहीं मिली।
रविवार को भी दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई थी और एक खाली अस्पताल पूरी तरह तबाह हो गया था। लगातार हो रहे हमलों के कारण इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
इस्राइल-लेबनान समझौते के बावजूद तनाव क्यों नहीं थम रहा?
जून में लेबनान और इस्राइल ने अमेरिका की मध्यस्थता में एक रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत दक्षिणी लेबनान से इस्राइली सैनिकों की वापसी के बदले हिजबुल्ला को निरस्त्र करने की बात कही गई थी। हालांकि, इस समझौते को लागू करने में अब तक बहुत कम प्रगति हुई है। हिजबुल्ला इन वार्ताओं का हिस्सा नहीं है। संगठन ने कहा है कि वह लितानी नदी के उत्तर में मौजूद किसी भी इलाके में अपने हथियार नहीं छोड़ेगा। वहीं, इस्राइली अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे लेबनान में हिजबुल्ला को निरस्त्र नहीं किया जाता, तब तक वह अपनी सेना वापस नहीं बुलाएगा।