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Israel vs Iran: अमेरिका को पहले से थी इस्राइल के ईरान पर हमले की भनक, पिज्जा के बढ़े ऑर्डर से कैसे मिले संकेत?

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 14 Jun 2025 04:54 PM IST

सार

इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष से जुड़ा या पूरा घटनाक्रम जब शुरू भी नहीं हुआ था तब अमेरिका के सैन्य कार्यालय- पेंटागन में कुछ ऐसा हो रहा था, जिससे दुनिया में कहीं न कहीं कुछ बड़ा होने के संकेत मिलने लगे थे। यह है अमेरिका के सैन्य मुख्यालय के आसपास बड़ी मात्रा में पिज्जा ऑर्डर्स होना। फिलहाल तो इसे थ्योरी ही माना जा रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पेंटागन में जब कभी ऐसा होता है तब वैश्विक संकट के पैदा होना लगभग तय होता है। 
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पेंटागन से जुड़ी थ्योरी वायरल। - फोटो : PTI/AdobeStock
इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष अब अपने चरम की तरफ पहुंचता दिख रहा है। इसकी शुरुआत शुक्रवार सुबह ही हो गई, जब इस्राइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए 200 से ज्यादा एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। इस्राइल के इस हमले में ईरान के 20 से ज्यादा टॉप कमांडरों की मौत हो गई। वहीं, उसके परमाणु ठिकाने को भी कुछ नुकसान की खबरें हैं। जवाब में ईरान की सेना ने इस्राइल पर 150 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिनके तेल अवीव से लेकर येरुशलम तक तबाही मचाने की बात सामने आई है। 

जब इस्राइल ने ईरान पर एयरस्ट्राइक की तब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि इस्राइल ने अमेरिकी को जानकारी नहीं दी। हालांकि, कुछ घंटों बाद ही इस्राइल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ईरान पर इस्राइल के हमले के बारे में 'सबकुछ' पता था। जब यह पूरा घटनाक्रम शुरू भी नहीं हुआ था तब अमेरिका के सैन्य कार्यालय- पेंटागन में कुछ ऐसा हो रहा था, जिससे दुनिया में कहीं न कहीं कुछ बड़ा होने के संकेत मिलने लगे थे। यह है अमेरिका के सैन्य मुख्यालय के आसपास बड़ी मात्रा में पिज्जा ऑर्डर्स होना। फिलहाल तो इसे थ्योरी ही माना जा रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पेंटागन में जब कभी ऐसा होता है तब वैश्विक संकट के पैदा होना लगभग तय होता है। इस खास घटनाक्रम को अमेरिका में 'पिज्जा इंडेक्स' का नाम तक दिया गया है। 
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पेंटागन से जुड़ी थ्योरी वायरल। - फोटो : PTI/AdobeStock
इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष अब अपने चरम की तरफ पहुंचता दिख रहा है। इसकी शुरुआत शुक्रवार सुबह ही हो गई, जब इस्राइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए 200 से ज्यादा एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। इस्राइल के इस हमले में ईरान के 20 से ज्यादा टॉप कमांडरों की मौत हो गई। वहीं, उसके परमाणु ठिकाने को भी कुछ नुकसान की खबरें हैं। जवाब में ईरान की सेना ने इस्राइल पर 150 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिनके तेल अवीव से लेकर येरुशलम तक तबाही मचाने की बात सामने आई है। 

जब इस्राइल ने ईरान पर एयरस्ट्राइक की तब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि इस्राइल ने अमेरिकी को जानकारी नहीं दी। हालांकि, कुछ घंटों बाद ही इस्राइल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ईरान पर इस्राइल के हमले के बारे में 'सबकुछ' पता था। जब यह पूरा घटनाक्रम शुरू भी नहीं हुआ था तब अमेरिका के सैन्य कार्यालय- पेंटागन में कुछ ऐसा हो रहा था, जिससे दुनिया में कहीं न कहीं कुछ बड़ा होने के संकेत मिलने लगे थे। यह है अमेरिका के सैन्य मुख्यालय के आसपास बड़ी मात्रा में पिज्जा ऑर्डर्स होना। फिलहाल तो इसे थ्योरी ही माना जा रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पेंटागन में जब कभी ऐसा होता है तब वैश्विक संकट के पैदा होना लगभग तय होता है। इस खास घटनाक्रम को अमेरिका में 'पिज्जा इंडेक्स' का नाम तक दिया गया है। 

जानें क्या है पेंटागन का पिज्जा इंडेक्स?
एक्स पर एक अकाउंट है। नाम है- पेंटागन पिज्जा रिपोर्ट। यह अकाउंट अमेरिका के आर्लिंग्टन काउंटी में मौजूद पिज्जा डिलीवरी आउटलेट्स में पिज्जा के ऑर्डरों और डिलीवरी की निगरानी रखता है। आर्लिंग्टन काउंटी, वर्जीनिया राज्य में वही जगह है, जहां पेंटागन का दफ्तर है। 

पेंटागन पिज्जा रिपोर्ट नाम के अकाउंट का दावा है कि वह स्थानीय पिज्जा की दुकानों पर नजर रखता है और अगर गूगल मैप्स पर इन आउटलेट्स के बाहर जाम की स्थिति या सड़क के व्यस्त होने की स्थिति दिखती है, तो इसका मतलब है कि दुनिया में कहीं कुछ बड़ा होने वाला है। 

इस्राइल-ईरान संघर्ष को लेकर कैसे पिज्जा ऑर्डर ने दिए संकेत?
इस्राइल ने ईरान पर शुक्रवार अल-सुबह हमला बोला। यह हमला सुबह करीब 5.30-6.00 बजे (भारतीय समयानुसार) के आसपास हुआ। एक्स पर मौजूद इस अकाउंट के मुताबिक, हमले से करीब एक घंटे पहले (भारत में शुक्रवार सुबह 4.29 बजे और अमेरिका में गुरुवार शाम 6.59 बजे) पेंटागन के आसपास पिज्जा की दुकानों के आसपास डिलीवरी की गतिविधियां काफी बढ़ी हुई देखी गई। 

डोनाल्ड ट्रंप और बेंजमिन नेतन्याहू - फोटो : ANI
पेंटागन पिज्जा रिपोर्ट ने उस दौरान की गूगल मैप्स का एक स्क्रीनशॉट भी डाला है और बताया है कि शाम को 6.59 बजे वी द पिज्जा, डिस्ट्रिक्ट पिज्जा पैलेस, डॉमिनोज और एक्स्ट्रीम पिज्जा जैसी दुकानों के बाहर डिलीवरी के लिए भारी संख्या में वाहन जुटे थे। पोस्ट में कहा गया है कि इस दौरान पेंटागन के आसपास सभी पिज्जा की दुकानों के पास डिलीवरी एजेंट्स के जुटने की वजह से सड़क पर गतिविधियां काफी बढ़ गई थीं। पिज्जा दुकानों के बाहर डिलीवरी के लिए जुटी भीड़ का यह समय इसलिए भी अहम है, क्योंकि इस्राइल ने ईरान पर जब हमला बोला, तब अमेरिका में रात 8 बजे होंगे। यानी पिज्जा डिलीवरी के लिए पेंटागन के आसपास भारी गतिविधि से ठीक एक घंटे बाद।

इसी पोस्ट में आगे बताया कि डॉमिनोज पिज्जा के आउटलेट पर तो बंद होने से एक घंटे पहले रात 11 बजे (भारतीय में तब सुबह 8.30 बजे होंगे) तक डिलीवरी बॉयज की भारी भीड़ जुटी रही, जिससे आम गुरुवार से उलट ट्रैफिक का स्तर काफी ऊपर दर्ज हुआ। 
 

कितनी सही है यह पिज्जा थ्योरी?
पेंटागन के आसपास पिज्जा की दुकानों से डिलीवरी के लिए गतिविधियां बढ़ने की इस थ्योरी पर लोग कितना विश्वास करते हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध के दौर से ही यह प्रचलन में रही है। माना जाता है कि पेंटागन या अमेरिका में सैन्य अभियानों पर फैसला लेने वाली अधिकतर जगहों पर बैठकें गुपचुप तरीके से होती हैं, जिनसे जानकारी मिलना काफी मुश्किल होता है। इन जगहों पर सुरक्षा के अतिरिक्त प्रोटोकॉल भी होते हैं। यानी फैसला लेने वाले समूहों में शामिल लोग अभियान के पूरा हो जाने तक बाहर नहीं निकलते। ऐसे में इन जगहों पर समय की कमी और जल्द खाने के विकल्प के तौर पर सिर्फ पिज्जा ही बचता है। चूंकि गूगल और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स रेस्तरां या फूड आउटलेट्स पर खाने की डिलीवरी से जुड़े अतिरिक्त बोझ की जानकारी भी देते हैं, इसलिए यह अंदाजा लगाना आसान होता है कि कब ऑर्डर ज्यादा हैं और कब नहीं।
 

1960 के दशक में शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ को अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों और मंत्रालयों में इस तरह की गतिविधियों की सूचना मिलने लगी। ऐसे में सोवियत ने वॉशिंगटन और अन्य जगहों पर पिज्जा डिलीवरी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपने जासूस बिठा दिए। यह माना जाने लगा था कि जब सरकारी कार्यकायों में पिज्जा की डिलीवरी बढ़ जाती है, तब किसी संकट या अहम योजना को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी होती है। 

इस थ्योरी के सही होने का दूसरा सबूत मिलता है कि 1 अगस्त 1990 की एक घटना से, तब वॉशिंगटन में डॉमिनोज पिज्जा की फ्रैंचाइजी संभाल रहे फ्रैंक मीक्स ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी- सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) की इमारत में बढ़ी हुई पिज्जा डिलीवरी पर गौर किया। अगले ही दिन इराक ने कुवैत पर हमला कर दिया। मीक्स ने बाद में अमेरिकी अखबार लॉस एंजेलिस टाइम्स को बताया था कि उन्होंने ऐसा ही कुछ दिसंबर 1998 में भी देखा, जब राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पर महाभियोग से जुड़ी सुनवाई हो रही थी। 

पिज्जा डिलीवरी से जुड़ी गतिविधियों के बढ़ने और किसी वैश्विक संकट के शुरू होने का सबसे ताजा उदाहरण अप्रैल 2024 का है। 13 अप्रैल 2024 की रात को ईरान ने इस्राइल पर ड्रोन्स और मिसाइलों के जरिए जबरदस्त हमला किया। इसी शाम डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स और गूगल मैप्स के जो स्क्रीनशॉट पोस्ट किए गए, उनसे सामने आया कि पेंटागन, व्हाइट हाउस और रक्षा मंत्रालय के आसपास मौजूद पिज्जा की दुकानों में डिलीवरी का जबरदस्त भार था और डिलीवरी एजेंट्स इन सभी जगहों के बाहर मौजूद थे। इस दौरान डॉमिनोज से लेकर पापा जॉन्स के पिज्जा आउटलेट्स में भी ऑर्डर्स की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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