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Israel vs Hamas: हमास को खत्म करने के लिए इस्राइल ने निकाला 'बाढ़' वाला पैंतरा, जानें यह तरीका क्यों खतरनाक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 16 Dec 2023 06:20 PM IST

सार

Israel vs Hamas: इस्राइल-हमास युद्ध 70 दिन बाद भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हमास का सुरंगी नेटवर्क इस्राइल के लिए बड़ी चुनौती है।  इसे नष्ट करने के लिए इस्राइल ने नई योजना बनाई है। 
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हमास-इस्राइल युद्ध - फोटो : AMAR UJALA
हमास और इस्राइल के बीच शुरू हुए युद्ध को दो महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। 7 अक्तूबर को हमास के हमले के बाद इस्राइल हमास को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया था। इसके लिए इस्राइली सेना ने सात हफ्ते पहले गाजा में जमीनी आक्रमण की शुरुआत की। हालांकि, इस अभियान में सबसे बड़ी समस्या हमास के सुरंगी जाल की है जो पूरे गाजा में भूलभुलैया की तरह फैली हुई है। ऐसे में सुरंगी जाल को खत्म करने के लिए आईडीएफ ने सुरंगों में पानी भरना शुरू कर दिया है। 

आइये जानते हैं कि हमास-इस्राइल युद्ध में ताजा हालात क्या हैं? इस्राइल की गाजा में सुरंगों में पानी भरने की योजना क्या है? आखिर इस्राइल के सामने हमास का सुरंगी जाल कितनी बड़ी चुनौती है? 


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हमास-इस्राइल युद्ध - फोटो : AMAR UJALA
हमास और इस्राइल के बीच शुरू हुए युद्ध को दो महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। 7 अक्तूबर को हमास के हमले के बाद इस्राइल हमास को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया था। इसके लिए इस्राइली सेना ने सात हफ्ते पहले गाजा में जमीनी आक्रमण की शुरुआत की। हालांकि, इस अभियान में सबसे बड़ी समस्या हमास के सुरंगी जाल की है जो पूरे गाजा में भूलभुलैया की तरह फैली हुई है। ऐसे में सुरंगी जाल को खत्म करने के लिए आईडीएफ ने सुरंगों में पानी भरना शुरू कर दिया है। 

आइये जानते हैं कि हमास-इस्राइल युद्ध में ताजा हालात क्या हैं? इस्राइल की गाजा में सुरंगों में पानी भरने की योजना क्या है? आखिर इस्राइल के सामने हमास का सुरंगी जाल कितनी बड़ी चुनौती है? 

हमास-इस्राइल युद्ध - फोटो : SOCIAL MEDIA
अभी हमास-इस्राइल युद्ध के क्या हालात हैं?
इस्राइली सेना इन दिनों दक्षिण गाजा में हमास के आतंकी ठिकानों पर हमले कर रही है। इस्राइल ने शुक्रवार को नए ठिकानों- शेजाइया, शेख राडवान, जिटौन, तुफाह और मध्य गाजा में मघाजी के खान यूनिस पर बमबारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण गाजा में इस्राइल के हवाई हमले में एक पत्रकार की मौत हो गई जबकि उसका सहयोगी घायल हो गया।

हमास ने 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल की अभेद्य मानी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए इसके इलाकों में हमला किया था। इस हमले में करीब 1200 से ज्यादा इस्राइलियों की जानें गई थीं। इस दौरान हमास लड़ाके 240 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले गए थे। वहीं इस्राइल के जवाबी हमलों में करीब 19,000 फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि गाजा के 24 लाख लोगों में से 19 लाख अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं, उनमें आधे बच्चे शामिल हैं। 

हमास-इस्राइल युद्ध - फोटो : SOCIAL MEDIA
इस्राइल की गाजा में सुरंगों में पानी भरने की योजना क्या है? 
इस्राइली सेना गाजा में हवाई हमलों के साथ जमीनी आक्रमण में भी लगी हुई है। अभियान के तहत आईडीएफ हमास के विशाल सुरंगी नेटवर्क को तबाह कर रही है। पूरे गाजा पट्टी में भूलभुलैया की तरह फैली सुरंगों को नष्ट करने के लिए इस्राइल ने नया तरीका खोज निकाला है।

एक अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि भूमिगत नेटवर्क को नष्ट करने के प्रयास में, इस्राइल ने गाजा की कुछ सुरंगों में समुद्री पानी भरना शुरू कर दिया है। इसके लिए सेना सीमित आधार पर तरीके का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर रही है। सफल होने पर, बड़े पैमाने पर सुरंग नेटवर्क को नष्ट करने के लिए पानी को बढ़ाया जा सकता है।

हमास का सुरंग नेटवर्क - फोटो : AMAR UJALA
सुरंगों में पानी भरने का तरीका कितना कारगर होगा?
विषेशज्ञों का मानना है कि यह तरीका कठिन होने के साथ-साथ विवादास्पद है। भले ही पर्याप्त मात्रा में उच्च दबाव पर पानी छोड़ा जाए लेकिन इसके सफल होने की संभावना आंशिक है। इससे जहां मीठे पानी की आपूर्ति के दूषित होने का खतरा हो सकता है, तो वहीं इमारतों को नुकसान पहुंचने का जोखिम है।

वहीं, इस्राइल बार-बार यह कहता रहा है कि हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोग सुरंगों में छिपाए गए हैं। अभी भी 137 बंधक हमास के कब्जे में हैं। ऐसे में खतरा बंधकों की जान जाने का भी है। इस्राइली अधिकारी भी अनिश्चितता में हैं कि यह विधि काम करेगी या नहीं। इसलिए केवल कुछ सुरंगों में ही इसका परीक्षण करने में सेना सावधानी बरत रही है। 

हमास अब क्या करेगा?
इस बीच, हमास के एक प्रवक्ता ओसामा हमदान ने कहा कि समूह ने पानी भरने के तरीके का सामना करने के लिए अपनी सुरंगें बनाई हैं। हमदान ने दावा किया, 'सुरंगों का निर्माण अच्छी तरह से प्रशिक्षित और शिक्षित इंजीनियरों द्वारा किया गया था, जिन्होंने पानी भरने सहित सभी संभावित हमलों पर विचार किया था।' 
 

हमास का सुरंग नेटवर्क - फोटो : AMAR UJALA
आखिर इस्राइल के सामने हमास का सुरंगी जाल कितनी बड़ी समस्या है? 
सैन्य विशेषज्ञों ने पहले ही चेताया था कि अगर गाजा पट्टी पर जमीनी आक्रमण होता है तो हमास द्वारा बनाई गई सुरंगों का जाल आईडीएफ के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है। कहा जाता है कि उत्तर कोरिया के बाद हमास दुनिया का सबसे बड़ा सुरंग नेटवर्क संचालित करता है। इसके नेटवर्क में 1,300 सुरंगें शामिल हैं, जो कुल मिलाकर लगभग 500 किलोमीटर तक फैली हुई हैं। इनमें से कुछ सुरंगें 70 मीटर भूमिगत तक स्थित हैं। 

इनमें से ज्यादातर सुरंगें महज दो मीटर ऊंची और दो मीटर चौड़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हो सकता है कि हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को इन सुरंगों के भीतर रखा गया हो, जिनका उपयोग संभवतः हथियारों, भोजन, पानी और ईंधन के भंडारण स्थानों के रूप में किया जाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि संगठन के कुछ कमांडर इन सुरंगों के भीतर तैनात हैं। हमास की सुरंगें काफी बड़ी हो सकती हैं जिनमें कारें भी समा सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ को मोटी सीमेंट की दीवारों से मजबूत किया गया है या धातु के दरवाजों से अलग किया गया है।

अब जब इस्राइली सेना सुरंगों में पानी भरने के तरीके पर काम कर रही है तो इसके सामने कई चुनौतियां भी हैं। ऑपरेशन के सफल होने के लिए जरूरी है कि जिस दबाव से सुरंगों में पानी डाला जाता है वह इतना अधिक होना चाहिए कि न केवल सीमेंट की दीवारें नष्ट हो जाएं, बल्कि मोटे और धातु के बने दरवाजे भी नष्ट हो जाएं।
 

हमास का सुरंग नेटवर्क - फोटो : SOCIAL MEDIA
क्या पहले भी अपनाया गया है यह तरीका?
सुरंगों में पानी भरकर उन्हें बंद करने का तरीका इस्राइल या गाजा के लिए कोई नया नहीं है। इस्राइल-लेबनान सीमा पर हिजबुल्ला द्वारा बनाई गई कुछ सुरंगों को बंद करने के लिए आईडीएफ ने 2018 में उनमें सीमेंट भर दिया था।  

इसी प्रकार, मिस्र ने 2013 में समुद्री जल, सीवेज जल और सीमेंट का इस्तेमाल करके गाजा के साथ अपनी साझा सीमा के नीचे चलने वाली सुरंगों में पानी भर दिया। बाद में गाजा में फलस्तीनी गुटों ने कहा कि सुरंगों में भरा पानी सतह पर आ गया है। इससे फसलें नष्ट हो गईं, ताजे पानी की आपूर्ति दूषित हो गई और बीमारी फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया।
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