Israel: इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष में इस्राइल और अमेरिका के लक्ष्य पूरी तरह समान हैं, जिनमें यूरेनियम हटाना और परमाणु क्षमता खत्म करना शामिल है। उन्होंने कहा कि हालात पर नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति में इस्राइल तैयार है। पढ़िए रिपोर्ट-
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ जारी संघर्ष में इस्राइल और अमेरिका के लक्ष्य पूरी तरह समान हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ उसकी बातचीत की जानकारी लगातार इस्राइल को दे रहा है। दोनों देश चाहते हैं कि ईरान से संवर्धित यूरेनियम हटाया जाए। ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता खत्म की जाए और समुद्री मार्गों को फिर से खोला जाए।
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इस्राइली पीएम ने क्या कहा?
नेतन्याहू ने कहा, हमारे और अमेरिका के लक्ष्य एक जैसे हैं। हम चाहते हैं कि ईरान से संवर्धित सामग्री हटाई जाए। उसकी संवर्धन क्षमता खत्म की जाए और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाए। उन्होंने आगे कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह स्थिति किस दिशा में जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर फिर से जंग शुरू होती है, तो इस्राइल किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
22 अप्रैल को खत्म होगा अस्थायी संघर्षविराम
यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच अस्थायी संघर्षविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। इस बीच, इस्राइल और लेबनान के हिजबुल्ला के बीच भारी गोलीबारी जारी है। नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइली सेना आतंकवादी ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है और उत्तरी इस्राइल के निवासियों के साथ खड़ी है।
दक्षिण लेबनान में आईडीएफ के अभियान पर क्या कहा?
उन्होंने कहा, मैं उत्तर के निवासियों के साथ हूं, जो मजबूती से खड़े हैं। साथ ही हमारी सेना हिजबुल्ला पर हमले कर रही है। दक्षिण लेबनान के बिंत जबीले क्षेत्र में जारी ऑपरेशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस्राइली सेना इस इलाके में नियंत्रण के करीब है। यह क्षेत्र 2006 के युद्ध के बाद से हिजबुल्ला का अहम गढ़ माना जाता रहा है।
नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) को दक्षिण लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र को बढ़ाने और उसे माउंट हर्मन की ओर पूर्व दिशा तक फैलाने का निर्देश दिया है, ताकि वहां रहने वाले ड्रूज समुदाय की मदद की जा सके। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि लेबनान के साथ अमेरिका की मदद से बातचीत चल रही है। दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।