व्हाइट हाउस पश्चिम एशिया के दो अहम मुस्लिम देशों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन के साथ इस्राइल के राजनयिक रिश्ते जोड़ने संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम की मेजबानी करने जा रहा है। यह चुनावी साल में अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि है। यूएई और बहरीन के प्रतिनिधि ट्रंप की मौजूदगी में इस्राइल के साथ ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस्राइल, यूएई और बहरीन दूतावासों की स्थापना करेंगे और राजदूतों की नियुक्ति करेंगे। इस महत्वपूर्ण कदम के साथ ही एक-दूसरे के साझेदार के रूप में तीनों देश एक साथ काम करना शुरू कर देंगे।
उन्होंने कहा कि ये समझौते यह साबित करते हैं कि ये तीनों देश बीते असफल समझौते से मुक्त होकर आगे बढ़ रहे हैं। आज का हस्ताक्षर एक नया इतिहास लिखने जा रहा है।
बता दें कि ट्रंप ने रिश्तों को सामान्य करने के लिए अगस्त में यूएई-इस्राइल के बीच ऐतिहासिक समझौता वार्ता कराई थी। पिछले हफ्ते ट्रंप ने एलान किया था कि बहरीन भी रिश्तों को सामान्य करने के लिए इस्राइल के साथ एक समझौते तक पहुंच गया है। ट्रंप ने कहा है कि यह समारोह क्षेत्र में शांति की दिशा में एक नया युग शुरू करेगा।
यह समझौता कराने में राष्ट्रपति के सलाहकार और दामाद जैरेड कुशनर ने अहम भूमिका निभाई है। यूएई और बहरीन के नेताओं से फोन पर बात करने के बाद ट्रंप ने खुद दोनों समझौतों की घोषणा की है। व्हाइट हाउस समारोह में यूएई के वली अहद (उत्तराधिकारी) के भाई एवं देश के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे।
वहीं बहरीन का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री करेंगे। विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इसे उल्लेखनीय उपलब्धि बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए हालात तय किए हैं, यह असल प्रगति है।