Peace Plan For Gaza: यह प्रस्ताव गाजा में युद्ध खत्म करने का रोडमैप है। पहली बार ट्रंप प्रशासन ने फलस्तीनी राज्य की संभावना को स्वीकार किया है। इसमें एक तरफ जहां इस्राइल गाजा से पीछे हटेगा और हमास को हथियार छोड़ने के साथ राजनीतिक सत्ता से बाहर करने की कोशिश होगी।
गाजा में चल रहे युद्ध को खत्म करने और भविष्य में फलस्तीनी राज्य का रास्ता बनाने के लिए अमेरिका ने 21 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया है। इस योजना के तहत इस्राइल को गाजा से अपनी सेना हटानी होगी और हमास को पूरी तरह से निरस्त्र होना पड़ेगा। इसके साथ ही सभी बंधकों की रिहाई, गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के निवासियों को विस्थापित न करने जैसी अहम बातें शामिल हैं।
यूएनजीए में अमेरिका ने साझा किया दस्तावेज
यह दस्तावेज अमेरिका ने इस हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के सत्र के दौरान कुछ अरब और मुस्लिम देशों के साथ साझा किया। इस योजना को खास बनाने वाली बात यह है कि इसमें गाजा के लोगों को वहीं रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। यह अमेरिकी नीति में बड़ा बदलाव है क्योंकि फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका गाजा को अपने नियंत्रण में लेकर वहां के करीब 20 लाख लोगों को स्थायी रूप से कहीं और बसाएगा।
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ट्रंप की योजना में फलस्तीनी राज्य का जिक्र
इसके अलावा, योजना में भविष्य के फलस्तीनी राज्य का जिक्र भी है, जबकि ट्रंप प्रशासन ने अब तक दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन नहीं किया था। इस प्रस्ताव में इस्राइल के लिए भी कई फायदे हैं, जैसे हमास का पूरी तरह से निरस्त्रीकरण, गाजा को आतंक मुक्त क्षेत्र में बदलना और वहां के लोगों को चरमपंथी विचारधारा से दूर करने की प्रक्रिया शुरू करना।
नेतन्याहू ने जताया कड़ा विरोध
उधर, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। उन्होंने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा, '7 अक्तूबर के हमले के बाद येरुशलम से एक मील दूर फलस्तीनी राज्य बनाना वैसा ही है जैसे 9/11 के बाद न्यूयॉर्क से एक मील दूर अल-कायदा का राज्य बना देना। यह पूरी तरह पागलपन है, और हम इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।'
ट्रंप की उम्मीदें बरकरार
इस विरोध के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे लेकर आशा जताई। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि, 'पिछले चार दिनों से गहन वार्ताएं चल रही हैं और तब तक जारी रहेंगी जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। सभी क्षेत्रीय देश इस प्रक्रिया में शामिल हैं। हमास भी बातचीत से पूरी तरह वाकिफ है और इस्राइल को भी हर स्तर पर जानकारी दी गई है।'
गाजा को आतंक मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा, ताकि वह पड़ोसी देशों के लिए कोई खतरा न बने।
गाजा का पुनर्निर्माण और विकास कार्य शुरू होगा, जिससे वहां के लोगों का जीवन बेहतर हो।
जैसे ही दोनों पक्ष इस योजना को स्वीकार करेंगे, इस्राइल तुरंत सैन्य अभियान रोक देगा और चरणबद्ध तरीके से गाजा से सेना हटाएगा।
इस्राइल के सार्वजनिक रूप से योजना स्वीकार करने के 48 घंटे के भीतर सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा।
बंधकों की रिहाई के बाद इस्राइल सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों, 1000 से अधिक हिरासत में लिए गए गाजावासियों और फलस्तीनियों के शवों को लौटाएगा।
जो हमास सदस्य शांतिपूर्वक साथ रहने की शपथ लेंगे, उन्हें माफी दी जाएगी। जो बाहर जाना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता और किसी इच्छुक देश में बसने की सुविधा मिलेगी।
समझौते के बाद मानवीय सहायता गाजा में बड़े पैमाने पर भेजी जाएगी। रोजाना कम से कम 600 ट्रक राहत सामग्री पहुंचेंगे।
सहायता सामग्री का वितरण संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रिसेंट जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की तरफ से किया जाएगा।
गाजा का प्रशासन फलस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञों के हाथों में होगा, जिसे एक अंतरराष्ट्रीय समिति की निगरानी में चलाया जाएगा।
गाजा के लिए एक आर्थिक पुनर्निर्माण योजना बनाई जाएगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर पैदा हों।
गाजा में विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित होगा, जहां करों में छूट और व्यापारिक सुविधाएं दी जाएंगी।
किसी भी निवासी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। जो बाहर जाएंगे, उन्हें वापस लौटने का अधिकार होगा।
गाजा की शासन व्यवस्था में हमास को कोई भूमिका नहीं मिलेगी और सभी आतंकी सुरंगें व सैन्य ढांचे नष्ट किए जाएंगे।
क्षेत्रीय देश यह सुनिश्चित करेंगे कि हमास और अन्य समूह समझौते का पालन करें।
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की मदद से अस्थायी सुरक्षा बल गाजा में तैनात होंगे। ये सुरक्षा और स्थानीय पुलिस को प्रशिक्षण देंगे।
इस्राइल न तो गाजा का विलय करेगा और न ही स्थायी कब्जा।
अगर हमास प्रस्ताव को मानने में देरी करता है, तो पहले आतंक-मुक्त क्षेत्रों में यह योजना लागू होगी।
इस्राइल कतार पर हमला नहीं करेगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय गाजा संकट में कतार की मध्यस्थता की भूमिका को मान्यता देगा।
गाजा के लोगों को चरमपंथ से दूर करने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
जब गाजा का पुनर्निर्माण और फलस्तीनी प्राधिकरण का सुधार कार्यक्रम पूरा हो जाएगा, तब भविष्य में फलस्तीनी राज्य का रास्ता खुल सकता है।
अमेरिका, इस्राइल और फलस्तीन के बीच लंबे समय तक के राजनीतिक समाधान पर बातचीत को आगे बढ़ाएगा।