इस्राइल के इस फैसले को अमेरिका के कराए गए युद्धविराम समझौते के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। यह समझौता हाल ही में गाजा में मानवीय स्थिति को संभालने के लिए कराया गया था, ताकि दोनों पक्षों के बीच अस्थायी शांति कायम रह सके। सरकारी बयान में नेतन्याहू ने कहा कि, मैंने इस्राइली रक्षा बलों (आईडीएफ) को निर्देश दिया है कि गाजा में तुरंत और जोरदार जवाबी कार्रवाई करें। हम किसी भी हमले को अनदेखा नहीं करेंगे। आईडीएफ के अनुसार, हमास ने राफा में इस्राइली सैनिकों पर एक एंटी टैंक मिसाइल दागी थी और गोलीबारी की थी। इस्राइल ने इसे हमास की ओर से संघर्ष विराम का एक और उल्लंघन करार दिया था। द यरुशलम पोस्ट के एक इस्राइली सैन्य अधिकारी ने बताया कि हमास के मौजूदा उल्लंघनों का जवाब पिछली बार की प्रतिक्रिया से कहीं अधिक गंभीर होगा।
इस्राइली सेना ने गाजा में की भीषण गोलीबारी
एक सैन्य सूत्र के अनुसार, आईडीएफ जवाबी गोलीबारी कर रहा है ताकि हमास को येलो लाइन के इस्राइली हिस्से में सैनिकों को और अधिक खतरे में डालने से रोका जा सके। स्थिति का आकलन करने और रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज की स्वीकृति के बाद, 7 अक्तूबर से गाजा सीमावर्ती समुदायों में आईडीएफ की ओर से लगाए गए सुरक्षा प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।
इस्राइली बंधकों के शवों को लौटाने में आनाकानी कर रहा हमास
इस्राइली सुरक्षा अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि अगर हमास बंधकों के शव वापस नहीं लौटा पाता है, तो इस्राइल पांच विकल्पों पर काम कर रहा है। इनमें ऑपरेशनल कंट्रोल बढ़ाना, लक्षित हमले करने, बंधकों के शव वापस लाने के अभियान, राजनयिक दबाव और मौजूदा समझौतों को समाप्त करना शामिल है।
दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील
राजनयिक सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि संघर्ष फिर से पूर्ण युद्ध में न बदल जाए। व्हाइट हाउस ने कहा कि वॉशिंगटन गाजा में बढ़ती हिंसा को लेकर चिंतित है और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। गौरतलब है कि इस्राइल और हमास के बीच पिछले वर्ष हुए संघर्ष में 20,000 से अधिक लोगों की जान गई थी, जबकि लाखों लोग विस्थापित हुए थे।