दक्षिणी गाजा पट्टी स्थित राफा के पूर्वी इलाके में किए गए इस्राइली हवाई हमले में हमास की तरफ से संचालित पुलिस बल के तीन सदस्यों की मौत हो गई। हमास के गृह मंत्रालय ने इसे 19 जनवरी से प्रभावी संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया है। इससे साथ ही संघर्ष विराम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। संघर्ष विराम की समाप्ति में अभी दो हफ्ते शेष हैं।
हमास के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, राफा इलाके में पुलिसकर्मियों की तैनाती इसलिए की गई थी, ताकि सहायता सामग्री के ट्रकों का गाजा में प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके। मंत्रालय इस अपराध की निंदा करता है और मध्यस्थों तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करता है कि वे इस्राइल को पुलिस बल को निशाना बनाने से रोकें, जो एक नागरिक तंत्र है।
इस बीच, इस्राइली सेना ने कहा कि उसने हथियारबंद कई लोगों को निशाना बनाया, जो उस इलाके की तरफ बढ़ रहे थे, जहां इस्राइली सुरक्षा बल तैनात हैं। उसने गाजा के सभी निवासियों से सेना के निर्देशों का पालन करने व क्षेत्र में तैनात इस्राइली सैनिकों के पास जाने से परहेज करने की अपील की।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, हमास को खत्म किया जाना चाहिए
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को गाजा पट्टी में इस्राइल के युद्ध उद्देश्यों का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि हमास को समाप्त किया जाना चाहिए। रुबियो के इस बयान ने अस्थायी संघर्ष विराम के विस्तार पर संदेह पैदा हो गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय दौरे की शुरुआत यरूशल में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इस यात्रा के दौरान रुबियो को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव पर अरब नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें फलस्तीनी आबादी को गाजा से बाहर स्थानांतरित करने तथा क्षेत्र का अमेरिका के अधीन विकास किए जाने की बात कही गई है। इस्राइल ने ट्रंप के इस बयान का स्वागत किया था। रुबियो ने कहा कि हमास सैन्य या सरकारी बल के रूप में काम नहीं कर सकता। उधर, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रुबियो से मुलाकात के बाद कहा कि इस्राइल व अमेरिका ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं तथा पश्चिम एशिया में उसकी आक्रामकता को विफल करने के लिए दृढ़ हैं। नेतन्याहू ने कहा, कई मुद्दों पर बहुत उपयोगी चर्चा हुई। इनमें ईरान सबसे महत्वपूर्ण था।
अमेरिका ने इस्राइल को सौंपे 2,000 पाउंड वजनी एमके-84 बम
इस्राइल को 2,000 पाउंड वजनी एमके-84 बमों की एक और खेप प्राप्त हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की तरफ से इसके निर्यात पर लगाई गई रोक हटाई थी। एमके-84 गैर-निर्देशित बम है, जो मोटे कंक्रीट व धातु को चीरने की ताकत रखता है। बाइडन प्रशासन ने सात अक्तूबर, 2023 को हमास के हमले के बाद इस्राइल को हजारों एमके-84 बम भेजे थे, लेकिन बाद में उनमें से एक खेप को रोक दिया था।