फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Israel-Iran: इस्राइल सरकार का बड़ा फैसला, ईरान पर हमले के बाद दुनियाभर में बंद किए अपने दूतावास

Fri, 13 Jun 2025 07:28 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव

सार

शुक्रवार को इस्राइली हमलों में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। उसके शीर्ष सैन्य अधिकारी समेत कई परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। बदले में ईरान की ओर से भी इस्राइल के ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए गए। अब इस्राइल ने अपने नागिरकों को संभावित खतरों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। 
विज्ञापन
इस्राइल का झंडा - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ईरान पर भीषण हमलों के बाद इस्राइल ने दुनिया भर में अपने दूतावास बंद करने का एलान किया है। इसके साथ ही इस्राइल ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने और सार्वजनिक स्थानों पर यहूदी या इस्राइली प्रतीक न दिखाने की अपील की है। 

विज्ञापन


इस्राइल ने शुक्रवार को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले करने के बाद दुनिया भर में अपने दूतावासों को बंद कर दिया है। दूतावासों की वेबसाइटों पर जारी बयानों में कहा गया है कि इस्राइल फिलहाल किसी भी प्रकार की कांसुलर सेवा प्रदान नहीं करेगा।

इस्राइल ने नागरिकों को दी ये हिदायत
सरकार की ओर से जारी बयानों में नागरिकों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी सार्वजनिक स्थान पर यहूदी या इस्राइली प्रतीकों को प्रदर्शित न करें। इसके साथ ही यदि किसी देश में उन्हें किसी प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधि का सामना करना पड़े, तो वे स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करें।
विज्ञापन


इस्राइल दूतावासों को कब तक बंद रखेगा, इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं दी गई है। विदेश में रहने वाले इस्राइलियों को अपने स्थान के बारे में विदेश मंत्रालय को अपडेट करने के लिए एक फॉर्म भरने के लिए भी कहा गया है।  बयान में कहा गया, हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर, दुनिया भर में इस्राइली मिशन बंद रहेंगे और कांसुलर सेवाएं प्रदान नहीं की जाएंगी। 

ये भी पढ़ें: Air India Crash: 'टाटा समूह के इतिहास का सबसे काला दिन...', विमान हादसे के एक दिन बाद बोले टाटा समूह के मुखिया

सेना प्रमुख समेत 20 सैन्य कमांडर मारे गए
इस्राइल के हमले में ईरान के सेना प्रमुख समेत 20 सैन्य कमांडर और छह परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए हैं। इस्राइल के इस हमले से पश्चिम एशिया में दो कट्टर दुश्मनों के बीच व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है। ईरान ने शुरुआती हमले में 100 से ज्यादा ड्रोन भी दागे, लेकिन इस्राइल ने सभी को नाकाम कर दिया। ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने यहूदी राष्ट्र को कड़ी सजा देने की चेतावनी दी है। क्षेत्र के देशों ने इस्राइल के हमले की निंदा की, जबकि दुनिया भर के नेताओं ने दोनों पक्षों से तत्काल तनाव कम करने का आह्वान किया।

इस्राइली सेना ने कहा कि 200 लड़ाकू विमानों से ईरान के लगभग 100 स्थानों को निशाना बनाया गया है। इनमें नतांज स्थित ईरान का मुख्य परमाणु संवर्धन केंद्र भी शामिल है, जहां से काला धुआं उठता देखा गया। पश्चिमी ईरान में दर्जनों रडार प्रतिष्ठान और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल लांचरों को भी नष्ट कर दिया। इस्राइल के दो सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि बेहद खुफिया मिशन के तहत देश की खुफिया एजेंसी मोसाद ने हमलों से पहले ईरान में ड्रोन और अन्य हथियार पहुंचा दिए थे। हवाई हमलों के साथ ही इन हथियारों के जरिये तेहरान और आसपास आंतरिक सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाने में किया गया।

रिवोल्यूशनरी गार्ड प्रमुख भी मारे गए
इस्राइल के हमले में ईरान के तीन शीर्ष सैन्य कमांडर भी मारे गए हैं। इनमें ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मोहम्मद बाघेरी, सबसे ताकतवर अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हुसैन सलामी और रिवोल्यूशनरी गार्ड के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के प्रमुख जनरल आमिर अली हाजीजादेह शामिल हैं। इसके अलावा भी ईरानी सुरक्षा बलों के कम से 17 वरिष्ठ कमांडर मारे गए हैं। ईरान ने तीनों शीर्ष सैन्य प्रमुखों के मारे जाने की पुष्टि भी कर दी है और उनकी जगह पर नए अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी है।
विज्ञापन


ईरान के परमाणु कार्यक्रम को झटका
इस्राइल के हमले में कम से कम छह परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए हैं, इनमें अब्दुल हमीद मिनोउचहर, अहमदरजा जोल्फाघारी, सैयद अमीरहोसेन फेक्ही, मोत्लाबीजादेह, मोहम्मद मेहदी तहरेनची और फेरेदून अब्बासी शामिल हैं। यह सभी नतांज और परमाणु कार्यक्रम के विशेषज्ञ थे। इनमें कोई सेंट्रीफ्यूज एक्सपर्ट, कोई रिएक्टर डिजाइनर था। इनकी मौत ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए बड़ा झटका है। इससे ईरान का परमाणु बनाने का सपना भी बहुत पीछे चला गया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें