फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संघर्ष: फलस्तीनी शिविरों में बढ़ा तनाव, 2002 के बाद पहली बार वेस्ट बैंक में हुई इस्राइली टैंकों की एंट्री

Mon, 24 Feb 2025 06:52 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनिन

सार

इस्राइली सेना ने 21 जनवरी को वेस्ट बैंक में अपना आक्रमण शुरू किया था, जिसे अब विस्तार दिया जा रहा है। फलस्तीनी क्षेत्र में इन छापों का उद्देश्य उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई करना बताया गया है। फलस्तीनी नागरिक इन छापों को इस्राइली के नियंत्रण को और मजबूत करने की कोशिश मान रहे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

2002 के बाद पहली बार इस्राइली टैंकों ने वेस्ट बैंक में प्रवेश किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब इस्राइल के रक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों तक इस्राइली सैन्य बल फलस्तीनी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मौजूद रहेंगे। इस्राइल के रक्षा मंत्री कैट्ज ने कहा कि सेना एक साल तक वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों में तैनात रहेगी और वे उन हजारों फलस्तीनियों को वापस लौटने की अनुमति नहीं देंगे, जो वहां से भाग गए हैं।
विज्ञापन


बता दें कि जेनिन लंबे समय से इस्राइल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का गढ़ रहा है। इस्राइल ने 21 जनवरी को उत्तरी वेस्ट बैंक में व्यापक पैमाने पर हमले शुरू किए थे। इस बीच इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा कि उन्होंने और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को वेस्ट बैंक के शहरी शरणार्थी शिविरों में कार्रवाई का आदेश दिया है। काट्ज ने कहा कि लगभग 40,000 फलस्तीनी इन शिविरों से फरार हो चुके हैं। इसकी पुष्टि संयुक्त राष्ट्र ने भी की है। 

2002 के बाद पहली बार टैंकों का प्रवेश
इस्राइली सेना ने 21 जनवरी को वेस्ट बैंक में अपना आक्रमण शुरू किया था, जिसे अब विस्तार दिया जा रहा है। फलस्तीनी क्षेत्र में इन छापों का उद्देश्य उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई करना बताया गया है। फलस्तीनी नागरिक इन छापों को इस्राइली के नियंत्रण को और मजबूत करने की कोशिश मानते हैं। इस समय 3 मिलियन फलस्तीनी सैन्य शासन के तहत रहते हैं। इस्राइल ने 2002 के बाद पहली बार पश्चिमी तट में टैंकों की तैनाती की है।

रक्षा मंत्री कैट्ज ने दी जानकारी 

विज्ञापन

साथ ही रक्षा मंत्री कैट्ज़ ने कहा कि इस्राइली सरकार ने सेना को निर्देश दिया है कि वह पश्चिमी तट के सभी शरणार्थी शिविरों में आतंकवाद को खत्म करने के लिए गतिविधियों को तेज करे। उन्होंने यह भी कहा कि फिलिस्तीनी नागरिकों को इन क्षेत्रों में वापसी की अनुमति नहीं दी जाएगी और "आतंकवाद" को बढ़ने नहीं दिया जाएगा।

इस्राइल का कहना है कि पश्चिमी तट के कुछ शरणार्थी शिविरों से लगभग 40,000 फिलिस्तीनी भाग गए हैं, और इन इलाकों को "निवासियों से खाली" माना जा रहा है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये लोग कब तक वापस लौट नहीं सकेंगे।

फलस्तीन ने इस्राइल के इस कदम को बताया खतरनाक 
इस्राइल के इस कदम को फलस्तीनी विदेश मंत्रालय ने वेस्ट बैंक में स्थिति को खतरनाक रूप से बढ़ाने वाला कहा है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर हस्तक्षेप करने की अपील की है। इस्राइल द्वारा किए गए इन छापों से फिलिस्तीनी नागरिकों के बीच गहरी चिंता और असंतोष बढ़ गया है।

गोरतलब है कि यह कार्रवाई उस समय हो रही है, जब गाजा में इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम की स्थिति कमजोर है, और इजरायल पर पश्चिमी तट में उग्रवाद पर काबू पाने का दबाव बढ़ा हुआ है। फिलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि 7 अक्टूबर, 2023 को गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से वेस्ट बैंक में 800 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की जान जा चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें