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सियासी दांव: PM नेतन्याहू को हटाने के लिए आइजेनकोट की शर्तें, क्या इस्राइल में पूर्व आर्मी चीफ बनाएंगे सरकार?

Mon, 02 Nov 2026 10:13 AM IST
ज्योति भास्कर एजेंसी, तेल अवीव।

सार

इस्राइल में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक दांव-पेंच का दौर जारी है। तेजी से बदलते सियासी समीकरण के बीच पूर्व सेना प्रमुख ने मौजूदा प्रधानमंत्री नेतन्याहू को हटाने के लिए चार शर्तें रखी हैं। नफ्ताली बेनेट ने भी पूर्व सेना प्रमुख को समर्थन देने का एलान किया है। जानिए क्या हैं ताजा अपडेट
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इस्राइल में त्रिशंकु संसद, जनादेश के बाद नई सरकार के लिए गठबंधन पर नजरें - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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इस्राइल में विपक्षी गुट का नेतृत्व करने वाले पूर्व सेना प्रमुख और यासर पार्टी के नेता गादी आइजेनकोट ने नई सरकार के गठन के लिए पूरी तरह तैयार होने का दावा किया है। उनका कहना है कि वह नई नेसेट (संसद)   में मिली बढ़त का इस्तेमाल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार की बेदखली के लिए करना चाहते हैं।

  • गादी का कहना है कि जो भी नए सदस्य उनकी चार शर्तों पर सहमत हों, उनके साथ गठबंधन कर सकते हैं।

इस्राइल में हालिया चुनावों में 120 सदस्यीय नेसेट में नेतन्याहू विरोधी दलों ने 67 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं। 

  • विरोधी गुट के 67 सांसदों में 48 जियोनिस्ट पार्टियों के हैं और 19 सीटें दो अरब पार्टियों को मिली हैं। दोनों ही गुटों के पास फिलहाल अपने दम पर 61 सीटों का जादुई बहुमत का आंकड़ा नहीं है, जिससे नई सरकार के गठन को लेकर रस्साकशी जारी है।

किन शर्तों पर सहयोगियों का समर्थन ले सकते हैं पूर्व सेना प्रमुख?

  1. इस्राइल के सभी नागरिकों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य की जाएगी। इसके जरिए सैन्य ड्राफ्ट से मिलने वाली छूट की व्यवस्था पूरी तरह खत्म की जाएगी।
  2. गठबंधन में शामिल होने वाली सभी पार्टियों को इस्राइल को एक यहूदी, लोकतांत्रिक, उदारवादी और समतावादी राज्य के रूप में मान्यता देनी होगी।
  3. देश के स्वतंत्रता घोषणा पत्र के मूल्यों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता जतानी होगी।
  4. हमास को आतंकवादी संगठन मानना और गाजा पट्टी में उसकी सैन्य क्षमताओं और शासन शक्ति को पूरी तरह से नष्ट करने के लक्ष्य पर सहमत होना होगा।

सात अक्तूबर की घटना की जांच के लिए आयोग बनाना भी प्राथमिकता

आइजेनकोट ने अपनी प्राथमिकताएं साझा करते हुए कहा कि नई संसद बनते ही सबसे पहले 7 अक्टूबर 2023 के हमलों की विफलता की जांच के लिए एक राज्य आयोग का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही, निवर्तमान सरकार की ओर से पारित विवादित न्यायिक सुधार कानूनों को निरस्त किया जाएगा।

गतिरोध के बीच बेनेट गुट ने आइजेनकोट को दिया समर्थन

खास बात ये भी है कि पूर्व इस्राइली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के 'बी'याचड' गुट ने याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइजेनकोट को समर्थन दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से आइजेनकोट को अगली सरकार बनाने के लिए नामित करने की सिफारिश करने की घोषणा की। नेसेट चुनावों के बाद राजनीतिक गतिरोध के बीच बेनेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने मतदाताओं के फैसले का सम्मान करने का वादा किया था। समर्थन की घोषणा के बाद आइजेनकोट ने बेनेट को धन्यवाद दिया।

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चार और 10 नवंबर पर नजरें क्यों, क्या इस्राइल में दोबारा होंगे चुनाव?

पूर्व सेना प्रमुख ने बेनेट कहा, 'हम मिलकर इस्राइल को सही रास्ते पर वापस लाएंगे।' राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने राजनीतिक नेताओं से चुनाव परिणाम स्वीकार करने का आग्रह किया है। 120 सदस्यीय नेसेट में किसी भी मुख्य राजनीतिक गुट को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। द टाइम्स ऑफ इस्राइल के अनुसार, हर्जोग 4 नवंबर को आधिकारिक चुनाव परिणाम प्राप्त करने के बाद राजनीतिक गुटों से परामर्श शुरू करेंगे। शपथ ग्रहण के लिए 10 नवंबर की डेडलाइन निर्धारित है। सरकार गठन न होने की सूरत में इस्राइल में दोबारा चुनाव कराने पड़ेंगे।
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