अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जैक सुलिवन ने इस्राइली एनएसए के फोन पर बातचीत करते हुए इन झड़पों पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरस ने भी पूर्वी येरूशलम में हिंसा जारी रहने को लेकर गहरी चिंता जताई। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता इमली हॉर्न ने बताया कि सुलिवन ने इस्राइल से शांति बनाए रखने की अपील की है।
वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि हम इस्राइल की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। गाजा में हुए रॉकेट हमले को लेकर हम चिंति हैं, उन्हें ये रोकना होगा।
यह है विवाद की वजह
इस्राइल में ‘येरूशलम दिवस’ को लेकर शुरू से ही विवाद रहा है। इस्राइल 1967 में पूर्वी येरूशलम पर कब्जा करने का जश्न इस दिन मनाता है, जिसका फलस्तीन के नागरिक विरोध करते हैं क्योंकि वे इस कब्जे को मान्यता नहीं देते हैं। वे मानते हैं कि इस क्षेत्र पर उनका भी पूरा अधिकार है। इस्राइल और फलस्तीन दोनों ही पूर्वी येरूशलम पर अपना दावा जताते हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को पूर्वी यरुशलम में बढ़ती हिंसा पर आपातकालीन बैठक की और एक प्रस्तावित बयान पर विचार-विमर्श किया, जिसमें इजरायल से आह्वान किया गया कि वह मामले को लेकर संयम बरतें और इस पवित्र स्थलों पर ऐतिहासिक यथास्थिति का सम्मान करे।
संयुक्त राष्ट्र में आयरलैंड के राजदूत गेराल्डिन बायर्न नैसन ने कहा कि सुरक्षा परिषद को तत्काल बात करनी चाहिए, और हम आशा करते हैं कि वह आज ऐसा करने में सक्षम होगा।
परिषद के राजनयिकों ने कहा कि सभी 15 सदस्यों ने झड़पों और बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की लेकिन इजराइल के निकटतम सहयोगी अमेरिका ने कहा कि इस समय एक बयान उपयोगी नहीं हो सकता है। बहरहाल, अमेरिका ने परिषद के विशेषज्ञों द्वारा इस बयान पर चर्चा किए जाने पर सहमति जताई।