फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस्राइल-फलीस्तीन: संघर्ष में नौ बच्चों समेत 20 की मौत, 153 घायल

Tue, 11 May 2021 06:22 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, येरूशलम।

सार

  • अल-अक्सा मस्जिद परिसर के पास हुआ पथराव, आंसू गैस व स्टन ग्रेनेड दागे
विज्ञापन
israel police - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गाजा पट्टी में इस्राइल के साथ संघर्ष में नौ बच्चों समेत 20 लोगों की मौत हो गई। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मृतक संख्या के हिसाब से यह दिन पिछले कई सालों में सबसे अधिक रक्तपात वाले दिनों में एक रहा।

विज्ञापन


स्वास्थ्य मंत्रालय ने मृतकों की मौत की वजह से संबंधित कोई जानकारी तो नहीं दी लेकिन उत्तरी गाजा में एक विस्फोट में तीन बच्चों समेत एक ही परिवार के कम से कम सात लोगों की जान चली गई।

इस्राइली सेना ने कहा कि गाजा से रॉकेट दागे जाने के जवाब में उसने हमास के कई ठिकानों को निशाना बनाया।

153 फलस्तीनी घायल हुए
पूर्वी येरूशलम में फलस्तीन प्रदर्शनकारियों व इस्राइल पुलिस के बीच जबरदस्त झड़पें हुईं। इसमें 153 फलस्तीनी घायल हुए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन


यह झड़प इस्राइली राष्ट्रवादियों के विवादित स्थल पर इस्राइल का दावा पेश करने के लिए ओल्ड सिटी से रैली निकालने के एक दिन पहले हुई। पुलिस ने इस दौरान आंसू गैस के गोले और ‘स्टन ग्रेनेड’ दागे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। 

पुलिस ने बताया कि अल-अक्सा मस्जिद परिसर के पास ही सड़क पर पथराव किया गया। वहीं फलस्तीनियों ने मस्जिद परिसर पर ‘स्टन ग्रेनेड’ दागे जाने और इससे कई लोगों के घायल होने की बात कही है।

फलस्तीनी डॉक्टरों ने बताया कि इस हिंसा में 215 फलस्तीनी घायल हुए जिनमें 153 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले पूर्वी येरूशलम में रविवार को भी झड़प होने की खबर आईं। देर रात हुई इस झड़प के बाद यहां वार्षिक ‘येरूशलम दिवस’ समारोह के दौरान हिंसा होने की आशंका और अधिक बढ़ गई है।

बता दें कि इस्राइल पुलिस ने फलस्तीन के साथ जारी तनाव के बावजूद इस रैली की मंजूरी दे दी थी जिसे लेकर दूसरे समुदाय ने विरोध जताया। इस तनाव के चलते पिछले दिनों हुए संघर्ष में अब तक सौ से ज्यादा फलस्तीनी और करीब दो दर्जन पुलिस अधिकारी घायल हो चुके हैं। 

हिंसा नहीं होने देंगे : नेतन्याहू
‘येरूशलम दिवस’ से पहले मंत्रिमंडल की एक विशेष बैठक में बोलते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, किसी भी चरमपंथी ताकत को येरूशलम में शांति प्रभावित नहीं करने दी जाएगी। हम निर्णायक रूप से तथा जिम्मेदारी से कानून एवं व्यवस्था लागू करेंगे। उन्होंने कहा, हम सभी धर्मों के लोगों की पूजा-अर्चना करने की स्वतंत्रता जारी रखेंगे, लेकिन हिंसक गतिविधियों को अंजाम नहीं देने देंगे।
 

अमेरिका-संयुक्त राष्ट्र चिंतित

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जैक सुलिवन ने इस्राइली एनएसए के फोन पर बातचीत करते हुए इन झड़पों पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरस ने भी पूर्वी येरूशलम में हिंसा जारी रहने को लेकर गहरी चिंता जताई। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता इमली हॉर्न ने बताया कि सुलिवन ने इस्राइल से शांति बनाए रखने की अपील की है।

वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि हम इस्राइल की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। गाजा में हुए रॉकेट हमले को लेकर हम चिंति हैं, उन्हें ये रोकना होगा। 

यह है विवाद की वजह

इस्राइल में ‘येरूशलम दिवस’ को लेकर शुरू से ही विवाद रहा है। इस्राइल 1967 में पूर्वी येरूशलम पर कब्जा करने का जश्न इस दिन मनाता है, जिसका फलस्तीन के नागरिक विरोध करते हैं क्योंकि वे इस कब्जे को मान्यता नहीं देते हैं। वे मानते हैं कि इस क्षेत्र पर उनका भी पूरा अधिकार है। इस्राइल और फलस्तीन दोनों ही पूर्वी येरूशलम पर अपना दावा जताते हैं।

विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यरुशलम में बढ़ती हिंसा को लेकर आपातकालीन बैठक की

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को पूर्वी यरुशलम में बढ़ती हिंसा पर आपातकालीन बैठक की और एक प्रस्तावित बयान पर विचार-विमर्श किया, जिसमें इजरायल से आह्वान किया गया कि वह मामले को लेकर संयम बरतें और इस पवित्र स्थलों पर ऐतिहासिक यथास्थिति का सम्मान करे।

संयुक्त राष्ट्र में आयरलैंड के राजदूत गेराल्डिन बायर्न नैसन ने कहा कि सुरक्षा परिषद को तत्काल बात करनी चाहिए, और हम आशा करते हैं कि वह आज ऐसा करने में सक्षम होगा। 

परिषद के राजनयिकों ने कहा कि सभी 15 सदस्यों ने झड़पों और बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की लेकिन इजराइल के निकटतम सहयोगी अमेरिका ने कहा कि इस समय एक बयान उपयोगी नहीं हो सकता है। बहरहाल, अमेरिका ने परिषद के विशेषज्ञों द्वारा इस बयान पर चर्चा किए जाने पर सहमति जताई।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें