जमीर इस्राइली सेना के 24वें प्रमुख होंगे, वे लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हालेवी की जगह लेंगे। हालेवी ने बीते महीने पद से इस्तीफा दे दिया था। मेजर जनरल इयाल जमीर 6 मार्च को आईडीएफ चीफ का पद संभालेंगे।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मेजर जनरल इयाल जमीर को इस्राइली सेना का नया प्रमुख नियुक्त किया है। इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में इसकी जानकारी दी। जमीर इस्राइली सेना के 24वें प्रमुख होंगे, वे लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हालेवी की जगह लेंगे। हालेवी ने बीते महीने पद से इस्तीफा दे दिया था। मेजर जनरल इयाल जमीर 6 मार्च को आईडीएफ चीफ का पद संभालेंगे।
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जनरल हालेवी ने पिछले महीने दिया था इस्तीफा
इस्राइली मीडिया के अनुसार, जनरल हालेवी ने इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम के बाद अपने पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया था। जनरल हालेवी ने 7 अक्तूबर 2023 को हुए हमास के हमले में लापरवाही की बात स्वीकारते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया। जनरल हालेवी ने मेजर जनरल इयाल जमीर को नया सेना प्रमुख बनाए जाने पर बधाई दी। आईडीएफ चीफ बनने की रेस में दो और उम्मीदवार थे, जिनमें मेजर जनरल अमीर बाराम और मेजर जनरल तामीर यादई का नाम शामिल था। हालांकि पीएम ने मेजर जनरल इयाल जमीर पर भरोसा जताया।
हमास ने शनिवार को छोड़े तीन और बंधक
वहीं इस्राइल हमास में युद्धविराम समझौते के तहत शनिवार को हमास ने तीन और बंधकों को रिहा कर दिया। इनमें अमेरिकी मूल के इस्राइली बंधक कीथ सीगल (65) को रेड क्रॉस के हवाले किया। इससे पहले हमास ने यार्दन बिबास (35) और फ्रांसीसी मूल के इस्राइली नारिक ओफर कैल्डेरोन (54) को रेड क्रॉस के हवाले किया। उधर, इस्राइल ने भी इनके बदले में उसकी जेलों में बंद 183 फलस्तीनी कैदियों को रिहा कर दिया। युद्धविराम के पहले चरण में हमास द्वारा इस्राइल के 33 बंधक छोड़े जाएंगे। छह हफ्ते तक चलने वाले इस युद्धविराम में सैंकड़ों फलस्तीनी भी इस्राइल की जेलों से रिहा किए जाएंगे।
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15 महीने चला युद्ध
सात अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर हमला किया था। इस हमले में करीब 1,200 इस्राइली नागरिक मारे गए थे। हमास ने करीब ढाई सौ लोगों को बंधक बना लिया था। इसके बाद इन्हें गाजा ले जाया गया। इसके जवाब में इस्राइल ने गाजा पट्टी पर हमले शुरू किए। इस्राइली हमलों में 46,000 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं। इस युद्ध के कारण गाजा पट्टी की 90 फीसदी आबादी को विस्थापन का सामना करना पड़ा है। वहीं, लोगों के सामने भुखमरी का संकट भी खड़ा हो गया।