पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना सिर्फ इस्राइल के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए जरूरी है। नेतन्याहू ने कहा कि अगर इस्राइल अपने अभियान में सफल होता है तो इससे क्षेत्र में शांति का दायरा और बढ़ेगा और कई नए देशों के साथ सहयोग के रास्ते खुलेंगे।
नेतन्याहू ने ईरान को लेकर क्या आरोप लगाए?
इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ईरान में अयातुल्ला शासन पूरी दुनिया के लिए खतरा बन गया है। उनके अनुसार हाल के दिनों में ईरान ने अपने आसपास के 12 देशों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि इन देशों की सुरक्षा को लेकर इस्राइल उनके साथ खड़ा है। नेतन्याहू का कहना है कि ईरान की नीतियां पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रही हैं और इसे रोकना जरूरी है।
नेतन्याहू ने लेबनान हिजबुल्ला को लेकर लेबनान को दी ये चेतावनी
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान से कहा है कि 2024 के युद्धविराम समझौते को लागू करना उसकी जिम्मेदारी है। एक वीडियो बयान में नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान को हिजबुल्लाह को निरस्त्र करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो हिजबुल्ला की कार्रवाई से लेबनान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
नेतन्याहू ने आगे कहा कि इस्राइल अपने नागरिकों और सीमावर्ती समुदायों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने लेबनान से कहा कि वह अपनी किस्मत खुद तय करे। वहीं क्षेत्र में तनाव के बीच इस्राइल ने लेबनान के कई इलाकों, जिनमें राजधानी भी शामिल है, पर हमले जारी रखे हैं।
इस्राइल की सैन्य ताकत को लेकर क्या कहा?
नेतन्याहू ने कहा कि कई देशों ने इस्राइल की सैन्य ताकत और उसकी तैयारी को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि इस्राइल की सेना, उसके सैनिकों की बहादुरी और देश की तकनीकी क्षमता ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनके अनुसार इस्राइल तेहरान के शासकों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और जरूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है।
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कई देश इस्राइल के साथ सहयोग क्यों करना चाहते हैं?
नेतन्याहू ने दावा किया कि मौजूदा हालात में कई देश इस्राइल के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई देशों ने इस्राइल की क्षमताओं को देखते हुए उससे संपर्क किया है। उनके अनुसार कई सरकारें सुरक्षा, तकनीक और रक्षा के क्षेत्र में इस्राइल के साथ साझेदारी करना चाहती हैं।
शांति के दायरे के विस्तार की बात क्यों कही गई?
नेतन्याहू ने कहा कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा खतरा खत्म होता है तो इससे पश्चिम एशिया में शांति का दायरा और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि इससे इस्राइल और कई अन्य देशों के बीच सहयोग और समझ बढ़ेगी। उनके अनुसार इससे क्षेत्र में स्थिरता लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकेगा।
क्षेत्रीय हालात को लेकर क्या संकेत दिए गए?
नेतन्याहू ने कहा कि मौजूदा समय पश्चिम एशिया के लिए बेहद संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि इस्राइल क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। उनके अनुसार इस्राइल अपनी सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए भी सक्रिय है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
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