इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू
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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को लेबनान की सीमा पर देश के बफर जोन को बढ़ाने की योजनाओं का एलान किया है। यह बयान मार्च की शुरुआत में लेबनान पर इस्राइल की ओर से किए गए हमलों में तेजी आने के बाद आया है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार इस्राइल और लेबनान के बीच तनाव में बढ़ोतरी हिजबुल्ला की ओर से इस्राइली इलाकों में रॉकेट दागे जाने के बाद हुई। गौरतलब है कि हिजबुल्ला के लड़ाकों ने अमेरिका-इस्राइल के ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद इन हमलों को शुरू किया था।
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'हर मायने में सीमाएं तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध' : नेतन्याहू
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बफर जोन बढ़ाने के इन उपायों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये हर मायने में सीमाओं को तोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस्राइल सरकार इन कार्रवाइयों के माध्यम से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
दोनों देशों के बीच सीमा पर सैन्य अभियान जारी रहने के साथ स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय लगातार चल रहे संघर्ष में आगे के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है। इस्राइली सरकार की ओर से बफर जोन के विस्तार की यह योजना क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
क्या होता है बफर जोन?
बफर जोन वह क्षेत्र होता है जो दो विरोधी देशों, सेनाओं या विवादित सीमाओं के बीच बनाया जाता है, ताकि सीधे टकराव को रोका जा सके और तनाव कम हो। यह इलाका अक्सर सैन्य गतिविधियों से मुक्त रखा जाता है या यहां सीमित उपस्थिति होती है।
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उदाहरण के तौर पर इस्राइल ने अपने पड़ोसी क्षेत्रों, जैसे गाजा या लेबनान सीमा के पास, सुरक्षा कारणों से बफर जोन बनाए हैं। इनका उद्देश्य घुसपैठ रोकना, हमलों से बचाव करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। कई बार अंतरराष्ट्रीय शांति बल भी इन क्षेत्रों की निगरानी करते हैं।
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