संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में वोटिंग से पहले इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि इस्राइल फलस्तीन राष्ट्र का समर्थन किसी भी कीमत पर नहीं करेगा। चौंकाने वाली बात ये है कि अमेरिका समेत कई बड़े देशों के बयानों से बन रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भी इस्राइली पीएम के रुख में कोई नरमी नहीं आई है। जानिए पूरा मामला
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिकी प्रस्ताव पर होने वाले महत्वपूर्ण मतदान से ठीक एक दिन पहले इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी परिस्थिति में फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना का समर्थन नहीं करेंगे। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भी उनके रुख में कोई नरमी के संकेत नहीं दिखे।
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प्रस्ताव पर सोमवार को होना है मतदान
अमेरिका गाजा युद्धविराम प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और इसी कड़ी में सुरक्षा परिषद में गाजा में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती के लिए एक मसौदा प्रस्ताव सोमवार को वोटिंग के लिए रखा जाएगा।
अरब देशों के विरोध के बावजूद अमेरिका अडिग
रूस, चीन और कई अरब देशों के विरोध के बावजूद अमेरिका ने मसौदे में फलस्तीनी 'आत्म-निर्णय' के अधिकार पर पहले से ज्यादा जोर दिया है। संशोधित प्रस्ताव में कहा गया है कि ट्रंप की योजना फलस्तीनी राष्ट्र की ओर विश्वसनीय राह बना सकती है। वहीं रूस का अलग प्रस्ताव फलस्तीनी राष्ट्र के समर्थन में और भी सख्त भाषा का इस्तेमाल करता है।
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फलस्तीनी राष्ट्र के प्रति इस्राइल का विरोध जरा भी नहीं बदला-नेतन्याहू
नेतन्याहू ने अपने मंत्रिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि फलस्तीनी राष्ट्र के प्रति इस्राइल का विरोध जरा भी नहीं बदला है। उन्होंने दावा किया कि दशकों से वे ऐसे किसी भी प्रयास को रोकते आए हैं और अब भी न तो अंतरराष्ट्रीय दबाव और न ही घरेलू राजनीति से प्रभावित होंगे।