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Israel-Palestine WAR: जब-जब हमास ने हमला किया, तब-तब इस्राइल से मुंह की खाई, पढ़िए क्या कहते हैं आंकड़े

Sun, 08 Oct 2023 02:03 AM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम

सार

यह पहला मौका नहीं है, जब इस्राइल और फिलिस्तीन आमने-सामने आए हैं। इससे पहले भी कई बार दोनों के बीच टकराव होता रहा है। टकराव के कारण सैकड़ों मौतें हुई है। आंकड़ों के अनुसार, इस्राइल और हमास जब-जब आमने-सामने आए हैं, तब-तब नुकसान फिलिस्तीन का ही हुआ है।
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इस्राइल-हमास हमला। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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इस्राइल और आतंकी संगठन हमास के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ गया है। शनिवार सुबह सबसे पहले हमास ने गाजा पट्टी से इस्राइल में दनादन रॉकेट हमले किए। हमास के आतंकियों ने सिर्फ 20 मिनट में ही इस्राइल में 5000 मिसाइलें दाग दीं। इस्राइली शहरों को निशाना बनाया गया। हमलों में कई लोगों की मौत हो गई। इसके बाद इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक्टिव मोड में आ गए। उन्होंने कहा कि हमास के लड़ाकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। नेतन्याहू ने इसे युद्ध अपराध करार दिया है। इस्राइल की जवाबी कार्रवाई में अब तक 200 से अधिक फिलिस्ताीनी मारे जा चुके हैं। 

यह पहला मौका नहीं है, जब इस्राइल और फिलिस्तीन आमने-सामने आए हैं। इससे पहले भी कई बार दोनों के बीच टकराव होता रहा है। टकराव के कारण सैकड़ों मौतें हुई है। आंकड़ों के अनुसार, इस्राइल और हमास जब-जब आमने-सामने आए हैं, तब-तब नुकसान फिलिस्तीन का ही हुआ है। सिर्फ नुकसान ही नहीं, भीषण नुकसान। आज हम आपको बताते हैं, क्या कहते हैं आंकड़े…

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यह आंकड़े साल 2008 से साल 2020 तक के हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पिछले 13 साल में दोनों देशों के बीच हुई जंग में कुल 1.25,873 लोगों की मौत/घायल हुए हैं। 1,25,873 मृतकों/घायलों में से 5,887 मृतक/घायल इस्राइली नागरिक हैं तो वहीं, 1,19,986 मृतक/घायल फिलिस्तीनी नागरिक हैं।

ताजा संघर्ष की वजह क्या है?
हमास के प्रवक्ता खालिद कादोमी ने समाचार वेबसाइट अल जजीरा को बताया है कि यह हमला उन सभी अत्याचारों का जवाब है जो फिलिस्तीनी नागरिक दशकों से सहते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय गाजा में अत्याचार रोके। फिलिस्तीनी लोगों पर अत्याचार बंद हो। अल-अक्सा जैसे हमारे पवित्र स्थल को अतिक्रमण से मुक्त किया जाए। टेलीग्राम पर किए एक पोस्ट में हमास ने अरब और इस्लामिक देशों से इस लड़ाई में साथ देने का अह्वान भी किया है। 

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