फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

West Asia War: इस्राइल-लेबनान के बीच वाशिंगटन में होगी दूसरे दौर की बातचीत, संघर्ष खत्म करने पर होगी चर्चा

Mon, 20 Apr 2026 11:14 PM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरूशलम

सार

इस्राइल और लेबनान के बीच गुरुवार को वाशिंगटन में दूसरे दौर की शांति वार्ता होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इसकी मध्यस्थता करेंगे। 10 दिनों के संघर्ष विराम के बाद यह पहली सीधी बैठक है।
विज्ञापन
इस्राइल-लेबनान वार्ता (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एक्स @Yechiel Leiter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस्राइल और लेबनान के अधिकारी शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए गुरुवार को बैठक करेंगे। एक इस्राइली अधिकारी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की है। दोनों देशों के प्रतिनिधि वाशिंगटन में सीधी बातचीत के लिए इकट्ठा होंगे। यह बैठक अमेरिकी विदेश विभाग में आयोजित होगी।
विज्ञापन


रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अन्य अमेरिकी राजनयिक इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे। इस्राइल की ओर से वाशिंगटन में उनके राजदूत येचिएल लीटर चर्चा में शामिल होंगे। वहीं, लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय ने जानकारी दी है कि उनके प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व राजदूत साइमन करम करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में इस्राइल, लेबनान और अमेरिका के कर्मचारी मौजूद रहेंगे।

इस्राइल और हिजबुल्लाह के बीच हफ्तों तक चली लड़ाई के बाद यह पहली सीधी बातचीत है। हाल ही में दोनों देशों के बीच 10 दिनों का संघर्ष विराम लागू हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद यह संघर्ष विराम 16 और 17 अप्रैल की आधी रात से शुरू हुआ था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'जंग के लिए इस्राइल ने नहीं उकसाया': तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, ईरान से बातचीत को लेकर बड़े संकेत भी दिए

लेबनान ने सोशल मीडिया पर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। उनका मुख्य उद्देश्य युद्ध को पूरी तरह रोकना और दक्षिणी क्षेत्रों से इस्राइली कब्जे को खत्म करना है। वे अपनी सेना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त दक्षिणी सीमा पर तैनात करना चाहते हैं। लेबनान ने साफ कहा है कि इस मिशन में उनकी जगह कोई और शामिल नहीं होगा।
विज्ञापन


कार्यालय ने कहा कि यह प्रस्तावित वार्ता किसी भी अन्य बातचीत के ट्रैक से अलग है। उसने इस स्थिति को एक ऐसे विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया है जिसमें एक तरफ लंबे समय तक चलने वाला युद्ध है जिसके मानवीय, सामाजिक, आर्थिक और संप्रभुता संबंधी दुष्परिणाम होंगे, और दूसरी तरफ बातचीत के जरिए निकाला गया कोई समाधान है।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें