इस्राइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में मजबूती से अपनी सैन्य ताकतों की तैनाती शुरू कर दी है। इसके तहत अमेरिकी रक्षा एजेंसी पेंटागन ने अपने विशाल यूद्धपोत और लड़ाकू विमान मध्य पूर्व में भेजने शुरू कर दिए हैं।
इस्राइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में मजबूती से अपनी सैन्य ताकतों की तैनाती शुरू कर दी है। इसके तहत अमेरिकी रक्षा एजेंसी पेंटागन ने अपने विशाल यूद्धपोत और लड़ाकू विमान मध्य पूर्व में भेजने शुरू कर दिए हैं।
इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर अपने युद्धपोत और लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) का कहना है कि यह कदम पूरी तरह से रक्षात्मक हैं और अमेरिका सिर्फ स्थिति पर नजर रख रहा है, सीधे तौर पर इस्राइल की सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं है।
वहीं मामले में पेंटागन के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया कि मध्य पूर्व में करीब 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बीते 16 जून को एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि हम क्षेत्र में मजबूत और रक्षात्मक स्थिति में हैं, और शांति की दिशा में काम कर रहे हैं।
यूएसएस निमिट्ज नामक एयरक्राफ्ट मध्य पूर्व के लिए रवाना
वहीं मई में अमेरिका ने B-52 और B-2 जैसे घातक बॉम्बर्स को डिएगो गार्सिया नौसैनिक अड्डे (भारत के पास स्थित अमेरिकी बेस) पर तैनात किया। खास बात यह है कि B-2 बमवर्षक बंकर बस्टर बम ले जाने में सक्षम हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।