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Conflict: इस्राइल पर ईरान के हमलों का नया दौर, मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष में अबतक क्या हुआ, 10 प्वाइंट में

Fri, 20 Jun 2025 04:11 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम

सार

इस्राइल और ईरान के बीच परमाणु ठिकानों पर हमलों से तनाव अब सातवें आसमान पर है। व्हाइट हाउस की माने तो इस तनावपूर्ण स्थिति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका अगले दो सप्ताह में पूरी तरह साफ हो जाएगी। उधर, रूस ने भी इस्राइल को परमाणु संयंत्र पर हमला न करने की चेतावनी दी है। आइए इस संघर्ष से जुड़े अब तक के दस प्रमुख घटनाओं पर प्रकाश डालते है। 

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ईरान-इस्राइल संघर्ष - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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परमाणु कार्यक्रम को लेकर इस्राइल और ईरान के बीच शुरू हुआ तनाव दिन-प्रतिदिन और भंयकर रूप लेता हुआ नजर आ रहा है। इस संघर्ष को शुरू हुए आज सात दिन हो चुके हैं, लेकिन लड़ाई रुकने के बजाय और तेज होती जा रही है। ऐसे में दुनियाभर में तीसरे विश्व युद्ध का संकट मंडरा रहा है। हालांकि इस तनावपूर्ण स्थिति में अमेरिका की भूमिका भी लगातार सवालों के घेरे में है। जहां गुरुवार की सुबह भी इस्राइल ने ईरान के अरक शहर में स्थित एक परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया। यह ठिकाना ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अहम हिस्सा माना जाता है। आइए मध्य पूर्व में फैले इस अशांति में अबतक क्या-क्या हुआ बारी-बारी से समझते है। 
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1. दो हफ्तों में साफ होगी अमेरिका की भूमिका
इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव में एक सवाल है जो लगातार खड़ा हो रहा है कि इस तनावपूर्ण स्थिति में अमेरिका की क्या भूमिका है। इसको लेकर व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो हफ्तों में यह तय करेंगे कि अमेरिका को ईरान-इस्राइल संघर्ष में शामिल होना चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा कि यह फैसला ईरान से संभावित बातचीत पर निर्भर करेगा।

2. ईरान के नए हमले की पुष्टि
ईरानी सेना ने हाइफा और तेल अवीव में सैन्य ठिकानों पर नई मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि हमले और तेज और प्रभावशाली होंगे।

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3. मल्टीपल वॉरहेड मिसाइल का इस्तेमाल

जारी हमले के बीच इस्राइली सेना का नया दावा सामने आया। इसके तहत इस्राइली सेना ने कहा कि ईरान ने मल्टीपल वॉरहेड वाली मिसाइल का उपयोग किया है, जो एक बार गिरने के बाद कई हिस्सों में बंट जाती है, जिससे खतरा अधिक हो जाता है। अब तक ईरान ने 450 मिसाइल और 1,000 ड्रोन दागे हैं।

4. नेतन्याहू बोले- पूरा इस्राइल चुका रहा इसकी कीमत
वहीं इस्राइली हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान-इस्राइल संघर्ष में पूरा देश की इसकी कीमत चूका रहा है। उन्होंने यह बात उस वक्त कही जब वे ईरान की मिसाइल से क्षतिग्रस्त हुए बेयर शेवा के सोरोका मेडिकल सेंटर का दौरा कर रहे थे। ईरान की सेना ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने एक इस्राइली खुफिया और कमांड सेंटर को निशाना बनाया था, जो अस्पताल के पास स्थित था।

5. रूस ने इस्राइल को दी चेतावनी
बढ़ते संघर्ष के बीच रूस ने इस्राइल को ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमला न करने की सख्त चेतावनी दी है। रूस ने कहा कि अगर हमला हुआ तो यह चेर्नोबिल जैसी बड़ी तबाही का कारण बन सकता है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने कहा कि बुशहर प्लांट में रूसी विशेषज्ञ काम करते हैं और रूस को उनकी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। गौरतलब है कि रूस ने इस प्लांट को बनाने में मदद की है और यह ईरान का इकलौता चालू परमाणु संयंत्र है।

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ईरान-इस्राइल तनाव - फोटो : अमर उजाला

6. ईरान के विदेश मंत्री की जेनेवा में यूरोपीय देशों से बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में यूरोप के तीन देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने यह जानकारी दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह बैठक हमारे सबसे करीबी सहयोगी के साथ बातचीत जारी रखने" का अवसर होगी। माना जा रहा है कि इस बातचीत का मकसद ईरान और पश्चिमी देशों के बीच जारी तनाव को कम करना है।

7. ईरान के हमले में इस्राइल का बड़ा अस्पताल क्षतिग्रस्त
दक्षिण इस्राइल के शहर बीयर शेवा में स्थित सोरोका मेडिकल सेंटर, जो एक प्रमुख अस्पताल है, ईरान के मिसाइल हमलों में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हमले के बाद इस्राइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को ईरान के अहम ठिकानों पर जवाबी हमले तेज करने के निर्देश दिए हैं। नेतन्याहू ने कहा कि इसका मकसद ईरान की सत्ता को अस्थिर करना और बाकी खतरों को खत्म करना है।

8. ईरान के अराक न्यूक्लियर प्लांट पर हमला
ईरान की एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने पुष्टि की है कि अराक स्थित शहीद खोंदाब हैवी वॉटर कॉम्प्लेक्स और उसके रिसर्च रिएक्टर पर हमला हुआ है। संस्था ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया, जो परमाणु ठिकानों पर हमले को रोकते हैं। हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया कि यह परमाणु सुविधा फिलहाल चालू नहीं थी, इसलिए रेडियोधर्मी असर की कोई आशंका नहीं है। ईरान ने इस हमले के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है।

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9. नेतन्याहू बोले- इस संघर्ष में अमेरिका दे रहा मदद
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में इस्राइल की काफी मदद कर रहा है। बेयर शेवा के सोरोका मेडिकल सेंटर के दौरे के दौरान उन्होंने सीएनएन से कहा कि अमेरिका इस्राइल के शहरों और आसमान की रक्षा में भागीदार है और यह सहयोग बेहद सराहनीय है।

10. संघर्ष को लेकर बातचीत जारी, ईरान ने रखी शांति की शर्त
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के बीच पिछले हफ्ते शुरू हुए संघर्ष के बाद से कई बार बातचीत हुई है। अराकची ने साफ कहा कि जब तक इज़राइल हमले नहीं रोकता, ईरान कोई बातचीत नहीं करेगा।

इसके साथ ही तेहरान से जुड़े एक राजनयिक ने बताया कि अराकची ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका इज़राइल पर युद्ध रोकने का दबाव बनाए, तो ईरान परमाणु मुद्दे पर लचीलापन दिखा सकता है। इससे संघर्ष को शांतिपूर्ण समाधान मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

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