इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच जारी संघर्ष के बीच दक्षिणी लेबनान में बड़े पैमाने पर तबाही सामने आई है। सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार इस्राइली सेना ने सीमा से लगे इलाकों में सैकड़ों इमारतों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इनमें अधिकांश घर हैं। इनमें मस्जिदें, दवा दुकानें, कैफे और छोटे कारोबारी प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई गाजा के रफाह और बेत हनून जैसे इलाकों में अपनाए गए सैन्य मॉडल से मिलती- जुलती है, जहां पहले हवाई हमले और फिर जमीनी बुलडोजर अभियान के जरिए पूरे मोहल्लों को समतल कर दिया गया था। सीएनएन के अनुसार 16 अप्रैल को घोषित संघर्षविराम के बाद भी इस्राइली बुलडोजर और बख्तरबंद वाहन दक्षिणी लेबनान के गांवों में सक्रिय हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिखा कि कई स्थानों पर खुदाई मशीनें और सैन्य वाहन पहले से क्षतिग्रस्त इलाकों में इमारतों के ध्वस्तीकरण में लगे हैं। इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने खुलकर कहा कि सीमा से लगे गांवों में सभी घरों को रफाह और बेत हनून मॉडल के तहत नष्ट किया जाएगा। उन्होंने इन्हें आतंकी चौकियां बताया। इस्राइली सेना लेबनान के भीतर लगभग 10 किलोमीटर तक सैन्य स्थिति मजबूत करेगी।
सैटेलाइट विश्लेषण में 10 दिनों में 523 इमारतें नष्ट
एयरबस द्वारा उपलब्ध कराई गई सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर सीएनएन ने मार्च में शुरू हुए इस्राइली अभियान के पहले 10 दिनों का विश्लेषण किया। इसमें 22 समुदायों में 523 इमारतें नष्ट पाई गईं। अयता अल-शाब, अदैसेह और खियाम जैसे कस्बों में पूरी-की-पूरी सड़कों पर इमारतें मलबे में बदल चुकी हैं। उधर इस्राइल का कहना है कि हिजबुल्ला आम नागरिकों का हमले के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
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