इस्राइल दुनिया के अन्य देशों की तुलना में कई मायनों में आगे है। कोरोना टीकाकरण में भी उसने सबसे पहले टीके को मंजूरी देने वाले ब्रिटेन व अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। इस्राइल में तेजी से टीके लगाए जा रहे हैं, जबकि अमेरिका व ब्रिटेन की रफ्तार धीमी है।
दूसरे नंबर पर बहरीन
ब्रिटेन और अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना टीकाकरण शुरू हो चुका है, लेकिन कम समय में तेजी से टीका लगाने के मामले में इस्राइल अभी सबसे आगे चल रहा है। इस्राइल ने अब तक अपनी 7.44 फीसदी आबादी को टीका लगा दिया है, जबकि 3.29 फीसदी आबादी के टीकाकरण के साथ बहरीन दूसरे स्थान पर है।
तीसरे नंबर पर ब्रिटेन, चौथे पर अमेरिका
फाइजर की वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की सबसे पहले इजाजत देने वाला देश ब्रिटेन 1.18 फीसदी आबादी के टीकाकरण के साथ तीसरे स्थान पर है। जबकि महाशक्ति देश अमेरिका में अभी 0.64 फीसदी आबादी को ही टीका लग पाया है। इस कारण ट्रम्प प्रशासन की आलोचना हो रही है।
डोज के लिहाज से अमेरिका आगे, चीन दूसरे नंबर पर
हालांकि, लगाए जा चुके वैक्सीन डोज के लिहाज से अमेरिका सबसे आगे है। वहां अब तक 21.3 लाख डोज लगाए जा चुके हैं। 10 लाख डोज के साथ चीन दूसरे स्थान पर है, जबकि ब्रिटेन में 8 लाख और इस्राइल में 6.43 लाख डोज लगे हैं। इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को 1.52 लाख लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगाया गया।
अमेरिका में रफ्तार उम्मीद से धीमी
कोरोना की सबसे ज्यादा मार झेलने वाले अमेरिका में टीकाकरण की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी है। बुधवार तक वहां सिर्फ 21.3 लाख लोगों को ही पहला डोज लगाया जा सका है। वहां के स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकार किया कि टीकाकरण की रफ्तार उम्मीद से धीमी है। बुधवार तक अमेरिका में 1.14 करोड़ डोज वितरित किए जा चुके थे। लेकिन, टीका लगने की संख्या करीब 20 फीसदी ही है।
चीन में पहली कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी
चीन ने सरकारी कंपनी साइनोफार्म द्वारा विकसित वैक्सीन को सशर्त मंजूरी दे दी है। यह चीन की पहली ऐसी वैक्सीन है, जिसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई है। साइनोफार्म ने बताया है कि ट्रायल के तीसरे चरण में ये वैक्सीन 79.34 फीसदी प्रभावी रही है। चीन ने हाल के हफ्तों में अपने टीकों के आपातकालीन इस्तेमाल में भारी तेजी की है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उप मंत्री, जेंग यिक्सिन ने गुरुवार को कहा, ‘15 दिसंबर के बाद से 30 लाख से अधिक वैक्सीन खुराक का प्रबंध किया गया है।