इस्राइली सेना आईडीएफ ने गाजा में हमास की नकबा इकाई के कई आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है, जो सात अक्तूबर को इस्राइल पर हुए क्रूर हमले में शामिल था। आईडीएफ ने कहा कि इंटेलिजेंस डिवीजन के निर्देश पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मारे गए आतंकवादियों में हमास की नकबा यूनिट का कमांडर अहमद मूसा और पश्चिमी जबालिया में मौजूद एक आतंकी प्लाटून का कमांडर उमर अलहांडी शामिल है।
इसके अलावा आईडीएफ रिजर्व ने एक अन्य ऑपरेशन में हमास के 19 आतंकवादियों को मार गिराया, जो इस्राइली सेना पर हमला की करने साजिश रच रहे थे। इस्राइल के लड़ाकू विमानों ने समुद्र तट पर एक कंटेनर पर बमबारी कर उसे नष्ट कर दिया, जिसमें लगभग 20 रॉकेट लांचर थे।
वहीं, इस्राइली सेना की जमीनी कार्रवाई के डर से हजारों लोगों को गाजा सिटी से पलायन करना पड़ा। इस्राइली सेना ने बताया कि दो दिन में एक लाख से अधिक फलस्तीनी नागरिक दक्षिण गाजा की ओर भाग गए हैं। आईडीएफ के मुख्य प्रवक्ता डैनियल हगारी ने शुक्रवार को कहा कि इस्राइली सेना गाजा शहर में घुसकर कार्रवाई कर रही है, जिसके कारण पिछले दो दिनों में गाजा पट्टी के एक लाख से अधिक निवासी दक्षिण की ओर भाग गए हैं। हगारी ने कहा कि गाजा पट्टी में बंधकों को छुड़ाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन इसमें समय लग सकता है।
इस्राइल ने गाजा के अस्पतालों पर किए हमले
शुक्रवार को इस्राइली सेना ने गाजा के सबसे बड़े अल शिफा अस्पताल पर पांच बार बमबारी की, जिसमें एक मौत हुई और वहां शरण लिए हुए अन्य लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। इनके अलावा सेना ने उत्तरी गाजा में रान्तिसी, अल-कुद्स और नासिर चिल्ड्रन अस्पतालों के आसपास भी मोर्चा संभाल लिया है। अब तक युद्ध में 11,078 फलस्तीनी मारे गए हैं। फलस्तीनी अधिकारियों ने कहा, इस्राइली हवाई हमलों में इंडोनेशियाई अस्पताल के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हो गए। एक अन्य हमले में गाजा के उत्तरी हिस्से में रैनटिसी कैंसर अस्पताल के बाहर वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सेना ने कहा, हमास आतंकी मरीजों के बीच छिपे हुए थे।
बच्चों, घायलों व रोगियों की जान को खतरा
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किद्रा ने कहा कि इस्राइल ने बृहस्पतिवार देर रात से अल शिफा अस्पताल की इमारतों के प्रसूति विभाग और बाह्य रोगी क्लीनिक पर गोलाबारी की। शुक्रवार सुबह हुए हमले में एक फलस्तीनी मारा गया और कई घायल हो गए। किद्रा ने कहा, ऐसा कोई रास्ता नहीं है जिससे हम लोगों को निकाल सकें। इनक्यूबेटरों में 45 बच्चों, आईसीयू में 52 बच्चों, सैकड़ों घायलों और रोगियों व हजारों विस्थापित लोगों की जान खतरे में है। फलस्तीनी मीडिया ने हमले के वीडियो फुटेज भी दिखाए जिसमें लोग चिल्लाते, रोते और खून से लथपथ दिख रहे हैं।
अस्पतालों पर बमबारी दुर्भाग्यपूर्ण : डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि गाजा पट्टी का सबसे बड़ा अस्पताल और जीवन रक्षक प्रणाली वाले बच्चों का एक अन्य अस्पताल शुक्रवार को बमबारी की चपेट में आ गया है। यह सब तब है जबकि गाजा में बीस अस्पताल अब पूरी तरह से काम से बाहर हो गए हैं। प्रवक्ता मार्गरेट हैरिस ने कहा, अस्पतालों का बमबारी की चपेट में आना दुर्भाग्यपूर्ण है।
वेस्ट बैंक में आठ फलस्तीनियों की मौत
वेस्ट बैंक के जेनिन शहर में स्थित शरणार्थी शिविर में इस्राइली सुरक्षा बलों की छापेमारी के दौरान टकराव में 8 फलस्तीनियों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए। इस्राइली सेना ने कहा है कि यह छापेमारी हमास आतंकियों की तलाश में की गई थी, तभी वहां रहने वाले फलस्तीनी उग्र हो गए और उन्होंने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया, जवाबी कार्रवाई में लोगों की मौत हुई है।
संघर्ष विराम की मांग पर मीडियाकर्मियों का प्रदर्शन
गाजा में तत्काल संघर्ष विराम की मांग को लेकर न्यूयॉर्क स्थित ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के कार्यालय में फलस्तीन समर्थकों ने प्रदर्शन किया और इस्राइल-हमास युद्ध को कवर करते समय निष्पक्ष खबरें न दिखाने का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन मीडियाकर्मियों के ‘राइटर्स ब्लॉक’ नामक एक समूह के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने गाजा में मारे गए हजारों फलस्तीनियों का जिक्र किया, जिनमें कम से कम 36 पत्रकार शामिल हैं। उन्होंने एक छद्म समाचार पत्र-‘द न्यूयॉर्क वॉर क्राइम्स’ के संस्करण बांटे, जिसमें मीडिया पर ‘नरसंहार को वैध बनाने में संलिप्तता’ का आरोप लगाया गया है।