इस्राइल और हमास के बीच पिछले नौ दिनों से युद्ध जारी है, जिसमें 3300 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इस्राइली मीडिया के अनुसार, रविवार को एक बार फिर इस्राइली शहरों पर रॉकेट हमला हो गया, जिस वजह से अमेरिकी सीनेटरों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में देरी हो गई। इसके अलावा, लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र सैनिकों के बेस पर भी रॉकेट हमला हो गया। राहत की बात यह है कि दोनों जगह कोई हताहत नहीं हुआ है।
नुकसान की जांच कर रही है टीम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल के तेल-अवीव, होलोन, रामत गण, रिशोन लेजियन और बीट डेगन शहरों में रविवार देर शाम सायरन की आवाज सुनाई दी गई। इस्राइल में सायरन का अर्थ है- शहर पर हमला। सायरन सुनते ही लोग तहखानों की ओर भाग गए। इसी वजह से शाम सात बजे निर्धारित अमेरिकी सीनेटरों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में देरी हो गई। इस्राइल की मैगन डेविड एडोम बचाव सेवा के अनुसार, रॉकेट हमले में अब तक कितनी जनहानि या संपत्ति हानि हुई है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। अधिकारी जांच कर रहे हैं।
अमेरिका के यह सीनटर शामिल
अमेरिकी सीनेट में बहुमत के नेता चक शूमर (डी-एनवाई) के साथ-साथ सीनेटर बिल कैसिडी (आर-एलए), सीनेटर जैकी रोसेन (डी-एनवी), सीनेटर मिट रोमनी (आर-यूटी) और सीनेटर मार्क केली (डी-एजेंड) सहित अन्य सीनेटर इस्राइल पहुंचे हैं। सीनेटर शूमर ने बताया कि रॉकेट हमले के कारण सीनेटर, पत्रकार सहित अन्य लोगों को सुरक्षा के लिहाज से तहखानों की ओर जाना पड़ गया।
हमास ने कहा- हमने 20 रॉकेट दागे
इस्राइली मीडिया के मुताबिक, हमास ने बताया कि उन्होंने इस्राइल में 20 रॉकेट दागे थे, जिसमें से सिर्फ नौ रॉकेट ही सफलता से इस्राइल में घुस पाए। हमास ने बताया कि इस्राइली सेना ने पांच रॉकेटों को हवा में ही रोक दिया तो वहीं चार रॉकेट खुले इलाकों में ही गिर गए।
यूएन के सैनिकों पर भी हमला
इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत लेबनान में तैनात सैनिकों के बेस पर भी हमला हो गया। हालांकि, हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है। संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) ने बताया कि नकौरा में स्थित हमारे मुख्यालय पर रॉकेट से हमला किया गया था। लेकिन उस वक्त कोई मुख्यालय पर मौजूद नहीं था, जिस वजह से कोई हताहत नहीं हुआ। रॉकेट हमला कहां से हुआ, किसने किया इसकी जांच की जा रही है।