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इस्राइल-हमास युद्ध: अब तक 73 हजार से ज्यादा फलस्तीनियों ने गंवाई जान, आईडीएफ के हमले अभी भी जारी

Mon, 15 Jun 2026 02:17 AM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, मॉस्को

सार

गाजा में जारी संघर्ष के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से मृतकों की संख्या 73,000 से अधिक हो गई है, जबकि लाखों लोग मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं। युद्धविराम लागू होने के बावजूद इस्राअली सैन्य कार्रवाई और हमले जारी हैं, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संघर्षविराम उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं। वहीं, बंधकों की रिहाई, गाजा के पुनर्निर्माण, सैन्य वापसी और राजनीतिक व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बातचीत ठहरी हुई है।
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इस्राइल-हमास युद्ध - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
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गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइल-हमास युद्ध में मरने वाले फलस्तीनियों की संख्या 73,000 के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा ऐसे समय सामने आया है, जब अक्टूबर से लागू युद्धविराम के बावजूद इस्राइल का सैन्य अभियान जारी हैं। इस्राइल का कहना है कि वह हमास और अन्य उन उग्रवादियों को निशाना बना रहा है जो सुरक्षा के लिए खतरा हैं। साथ ही उसका दावा है कि यह कार्रवाई युद्धविराम उल्लंघनों और समय-समय पर होने वाले हमलों के जवाब में की जा रही है।
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गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, युद्धविराम लागू होने के बाद से अब तक करीब 1,000 लोग मारे जा चुके हैं। वहीं संघर्षविराम के बाद पांच इस्राइली सैनिकों की भी मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 73,001 लोगों की मौत हो चुकी है। सात अक्तूबर 2023 से जारी संघर्ष में 1,73,200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

यह युद्ध सात अक्तूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में इस्राइल पर हुए हमले के बाद शुरू हुआ था। उस हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। हमास संचालित सरकार के तहत काम करने वाले स्वास्थ्य मंत्रालय में चिकित्सा पेशेवर कार्यरत हैं और वह विस्तृत रिकॉर्ड रखता है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां और स्वतंत्र विशेषज्ञ आम तौर पर उसके आंकड़ों को विश्वसनीय मानते हैं। हालांकि मंत्रालय नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर नहीं करता, लेकिन उसका कहना है कि मृतकों में लगभग आधी संख्या महिलाओं और बच्चों की है।
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इस्राइल का कहना है कि वह नागरिकों को नुकसान से बचाने का प्रयास करता है और नागरिकों की मौत के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराता है, क्योंकि उग्रवादी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सक्रिय रहते हैं।

युद्धविराम पर गतिरोध जारी
अमेरिका की मध्यस्थता में अक्तूबर में हुए युद्धविराम समझौते के बाद बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान रुके थे और सभी शेष बंधकों की वापसी हुई थी। लेकिन समझौते के अन्य पहलुओं पर प्रगति नहीं हो सकी है। हमास ने हथियार डालने से इनकार कर दिया है, जबकि इस्राइली सेना पीछे हटने के बजाय गाजा में आगे बढ़ी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हैं, लेकिन यह भी कहते हैं कि युद्धविराम अब भी प्रभावी है।

गाजा में अमेरिकी मध्यस्थता वाले युद्धविराम की निगरानी कर रहे वरिष्ठ राजनयिक निकोलाय म्लादेनोव के अनुसार, पुनर्निर्माण, इस्राइली सैनिकों की वापसी और नई फलस्तीनी सरकार के गठन जैसे मुद्दों पर प्रगति हमास के निरस्त्रीकरण को लेकर बने गतिरोध के कारण रुकी हुई है।

20 लाख से ज्यादा लोग हुए विस्थापित
युद्ध के कारण 20 लाख से अधिक आबादी वाले गाजा के अधिकांश लोग विस्थापित हो चुके हैं। क्षेत्र का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है और भोजन, दवाओं तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी पैदा हो गई है। गाजा की सीमाओं पर स्थित अधिकांश क्रॉसिंग बंद हैं, जिनमें से लगभग सभी पर इस्राइल का नियंत्रण है।

इस हफ्ते कम से कम आठ और फलस्तीनियों की मौत
उत्तरी गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर पर रविवार दोपहर को हुए एक इस्राइली हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। शिफा अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है, जहां घायलों और मृतकों को लाया गया। इस्राइली सेना के एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि सेना ने क्षेत्र में उग्रवादियों को निशाना बनाया। हालांकि, उन्होंने कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।

फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात और रविवार तड़के तक हुए अलग-अलग हमलों में एक 13 वर्षीय लड़के सहित कम से कम पांच फलस्तीनियों की मौत हुई। शनिवार रात हुए उस हमले के बारे में, जिसमें पांच में से दो लोगों की मौत हुई थी, इस्राइली सेना ने दावा किया कि उसका निशाना हमास के लड़ाके थे।
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