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Israel Hamas War: त्योहार मनाते लोगों पर हमास का हमला, इस्राइल का पलटवार, इस्राइल-हमास जंग में कब क्या हुआ?

पश्चिम एशिया में इस वक्त चौतरफा तनाव फैला हुआ है। इस्राइल और ईरान समर्थक सशस्त्र गुट बीते एक साल से जंग लड़ रहे हैं। ठीक एक साल पहले लड़ाई 7 अक्तूबर को हमास और अन्य सशस्त्र फलस्तीनी समूहों ने गाजा पट्टी से इस्राइल पर एक भीषण हमला किया, जिसके चलते करीब 1200 लोगों की मौत हो गई और 250 लोगों का अपहरण कर लिया गया। इसके बाद इस्राइल ने गाजा में हमास के ठिकानों पर लगातार जवाबी हमले किए हैं। इस्राइली हमलों में हजारों हमास व अन्य सशस्त्र संगठनों के लड़ाके, 42 हजार से ज्यादा फलस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं। 

इस्राइल में हमले से शुरू हुआ युद्ध पहले गाजा फिर पड़ोसी लेबनान में समेत पश्चिम एशिया के कई देशों में फैल गया। इस्राइली सेना पिछले एक साल से इस क्षेत्र के सशस्त्र समूहों के साथ संघर्ष कर रही है। आइये जानते हैं कि इस्राइल-हमास के एक साल में कब-क्या हुआ?
  • 7 अक्तूबर 2023
    सुबह 6:29 बजे फलस्तीनी सशस्त्र समूह हमास ने 'अल-अक्सा फ्लड' ऑपरेशन शुरू किया। जब देश सुक्कोट धार्मिक त्योहार के समापन दिन का जश्न मना रहा था उस वक्त शब्बत के दौरान दक्षिणी इस्राइल में लगभग 5,000 रॉकेट दागे गए। गाजा की सुरक्षा बाड़ के पार दर्जनों सशस्त्र कमांडो ने अपहरण, यातना और हत्या जैसे घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। इस्राइली आंकड़ों के अनुसार, इन हमलों में करीब 1,189 लोग मारे गए। गाजा पट्टी की सीमा पर स्थित किबुत्जिम समुदायों से और साथ ही ट्राइब ऑफ नोवा ट्रान्स म्यूजिक फेस्टिवल से 250 अन्य लोगों को बंधक बना लिया गया। इसके बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए इस्राइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने घोषणा की कि देश युद्ध में है।
  • 8 अक्तूबर 2023
    हमास के हमले के जवाब में इस्राइल ने 'ऑपरेशन स्वोर्ड्स ऑफ आयरन' लॉन्च किया। गाजा पट्टी पर भीषण बमबारी करते हुए महज 48 घंटों में लगभग तीन लाख रिजर्व सैनिक जुटाए गए।
  • 9 अक्तूबर 2023
    इस्राइल ने गाजा की पूरी तरह से घेराबंदी शुरू कर दी। 2007 में इस पट्टी में हमास का दबदबा हो गया था। तब से करीब 20 लाख फलस्तीनी नागरिकों की आबादी वाला यह तटीय क्षेत्र इस्राइली घेराबंदी के अधीन हो गया।
  • 13 अक्तूबर 2023
    इस्राइली सेना ने दस लाख से ज्यादा आबादी वाले गाजा पट्टी के उत्तरी हिस्से में लोगों को अपने घर खाली करने के लिए 24 घंटे का समय दिया। हालांकि, जहां कुछ लोग दक्षिण की ओर भाग गए तो वहीं अन्य ने जाने से मना कर दिया।
  • 17 अक्तूबर 2023
    गाजा शहर के अल-अहली अस्पताल में एक बड़ा विस्फोट हुआ। हमास के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरने वालों की संख्या 471 बताई। हमास और उसके सहयोगी इस्लामिक जिहाद ने इस घातक हमले के पीछे इस्राइल का हाथ होने का आरोप लगाया, जिसे इस्राइल ने नकार दिया। 
  • 19 अक्तूबर 2023
    ईरान समर्थित सशस्त्र समूह हूती विद्रोहियों ने इस्राइल पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं। गाजा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हूतियों ने लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाना बनाया। यह छिटपुट हमलों की शुरुआत थी जो संघर्ष के अगले साल तक जारी रहे।
  • 27 अक्तूबर 2023
    इस्राइली सेना ने गाजा में अपना जमीनी हमला शुरू कर दिया। गाजा पट्टी के नीचे सुरंगों के एक विशाल नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए इस्राइली सेना ने जमीनी कार्रवाई शुरू की। 
  • 15 नवंबर 2023
    इस्राइल ने गाजा के सबसे बड़े अल-शिफा अस्पताल की घेराबंदी की और बाद में इसे खाली करवा लिया। इसने हमास पर आरोप लगाया कि वह इस परिसर को सैन्य कमान चौकी के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। 
  • 24 नवंबर 2023
    इस्राइल और हमास के बीच पहला युद्ध विराम घोषित किया गया। इसके तहत 105 इस्राइली नागरिकों को इस्राइली जेलों में बंद 240 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले में रिहा किया गया। मानवीय सहायता को गाजा पट्टी तक पहुंचने की भी अनुमति दी गई। सात दिनों के बाद यानी 1 दिसंबर 2023 से एक बार फिर लड़ाई शुरू हो गई।
  • 2 जनवरी 2024
    हमास संगठन में दूसरे नंबर माने जाने वाले सालेह अल-अरूरी मारा गया। लेबनान में बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में इस्राइली हमले में अल-अरूरी की मौत हो गई।
  • 11 जनवरी 2024
    अमेरिका के नेतृत्व में एक अंतर्राष्ट्रीय सैन्य गठबंधन ने लाल सागर में मालवाहक जहाजों पर फलस्तीनी समर्थक समूह के बार-बार हमलों के जवाब में यमन में हूतियों के खिलाफ हमले शुरू कर दिए। 
  • 29 फरवरी 2024 
    गाजा शहर में खाद्य सामग्री के वितरण के दौरान कम से कम 118 फलस्तीनी मारे गए और 760 अन्य घायल हो गए। हमास ने भीड़ पर गोलीबारी करने का आरोप इस्राइल पर लगाया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि गाजा में मरने वालों की संख्या 30,000 तक पहुंच गई।
  • 25 मार्च 2024
    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस्राइल और हमास के बीच तत्काल युद्ध विराम की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। अमेरिका इस प्रस्ताव से दूर रहा। 
     
  • 1 अप्रैल 2024
    सीरिया के दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हवाई हमला हुआ, जिसमें सात रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्य मारे गए। सीरिया और लेबनान में अल-कुद्स बलों के कमांडर जनरल मोहम्मद रेजा जाहेदी भी मारे गए लोगों में शामिल थे। हमले के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया गया। 
  • 13 अप्रैल 2024
    तेहरान ने सीरिया में अपने वाणिज्य दूतावास पर हमले का जवाब इस्राइल पर 300 से अधिक ड्रोन और मिसाइल दागकर दिया। यह पहली बार था जब ईरान ने इस्राइल की धरती पर सीधा हमला किया। इस्राइल ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलों को मार गिराया गया और उसे नुकसान नहीं हुआ।
  • 7 मई 2024
    इस्राइल ने राफा पर जमीनी हमला शुरू कर दिया और मिस्र के साथ सीमा पार करने वाले क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया। आने वाले दिनों में अभियान का विस्तार किया गया। 
  • 29 मई 2024
    इस्राइल ने घोषणा की कि उसने फिलाडेल्फिया कॉरिडोर पर नियंत्रण कर लिया। फिलाडेल्फिया कॉरिडोर गाजा पट्टी से लगे मिस्र की सीमा पर लगभग 14 किलोमीटर तक फैला एक अहम बफर जोन है।
  • 13 जुलाई 2024
    हमास के सशस्त्र गुट, एजेदीन अल-कस्साम ब्रिगेड का प्रमुख मोहम्मद दैफ खान यूनिस के पास एक इस्राइली हवाई हमले में मारा गया। दैफ को इस्राइल ने 7 अक्तूबर के हमलों के पीछे मास्टरमाइंड माना था और इसे इस्राइल ने 30 से ज्यादा सालों से तलाश रहा था। 
  • 27 जुलाई 2024
    लेबनान से सीरिया में इस्राइल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स पर दागे गए रॉकेट से मजदल शम्स कस्बे में 12 लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए। 7 अक्तूबर के बाद से यह इस्राइली नागरिकों के खिलाफ सबसे बड़ा हमला था। इस्राइल ने लेबनान के समूह हिजबुल्ला पर हमले के पीछे होने का आरोप लगाया।
  • 30 जुलाई 2024
    हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला के दाहिना हाथ फुआद शुकर बेरूत में एक इस्राइली हवाई हमले में मारा गया। माना जाता है कि शुकर ने इस्राइली ठिकानों के खिलाफ हिजबुल्ला के हमलों में अहम भूमिका निभाई थी। इसमें इस्राइल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स में मजदल शम्स के खिलाफ घातक हमला भी शामिल है। 
  • 31 जुलाई 2024
    हमास प्रमुख इस्माइल हानिया ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के बाद तेहरान में एक विस्फोट में मारा गया। इस बमबारी के पीछे इस्राइल का हाथ बताया गया जिसने न तो इसमें शामिल होने की पुष्टि की है और न ही इनकार किया है।
  • 25 अगस्त 2024
    हिजबुल्ला ने ड्रोन और सैकड़ों रॉकेटों का इस्तेमाल करके इस्राइल पर बड़ा हमला किया। हिजबुल्ला का कहना है कि यह हमला 30 जुलाई को बेरूत में फुआद शुकर की हत्या का बदला है।
  • 17-18 सितंबर 2024
    दो दिनों में लेबनान और सीरिया में हजारों पेजर और वॉकी-टॉकी फट गए। इन हमलों में हिजबुल्ला के हजारों लोग घायल हो गए और सैकड़ों की मौत हुई। उधर इस्राइल ने युद्ध में एक नए उद्देश्य की घोषणा की।
  • 28 सितंबर 2024
    इस्राइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बड़ा हमला किया, जिसमें कम से कम छह आवासीय इमारतें नष्ट हो गईं और राजधानी में दहशत फैल गई। तीन दशकों से अधिक समय तक हिजबुल्ला का नेतृत्व करने वाला हसन नसरल्ला हमलों में मारा गया। अगले दिन हिजबुल्ला ने उसकी मौत की पुष्टि की।
  • 30 सितंबर 2024
    इस्राइल ने घोषणा की कि उसने लेबनान के दक्षिण में एक सीमित जमीनी अभियान शुरू कर दिया। 
  • 7 अक्तूबर 2024 
    एक साल बाद भी यह युद्ध जारी है और यह संघर्ष पश्चिम एशिया के अन्य देशों में फैल चुका है। 7 अक्तूबर (सोमवार) को हिजबुल्ला ने इस्राइल के तीसरे सबसे बड़े शहर हाइफा पर रॉकेट हमले किए, जिसमें 10 लोग घायल हो गए। हिजबुल्ला ने 'फादी 1' मिसाइलों के जरिए हाइफा के दक्षिण में स्थित एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। इससे पहले इस्राइल ने रविवार को उत्तरी गाजा और दक्षिणी लेबनान में हवाई हमला किया था। फलस्तीनी अधिकारियों के मुताबिक, एक मस्जिद पर मिसाइल हमले में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए।