इस्राइल और हमास के युद्ध के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार(एनएसए) तजाही हनेग्बी का बयान सामने आया, जहां उन्होंने आतंकवादी समूह हमास पर चल रहे युद्ध के बीच कतर को उसके महत्वपूर्ण राजनयिक प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।
वहीं अब इस्राइली पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने एनएसए के इस बयान की अलोचना की है। उन्होंने कतर को देश का दुश्मन बताया है और कहा है कि कतर इन राजनयिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण भागीदार नहीं है।
इस्राइली मीडिया के अनुसार इससे पहले, बुधवार को, कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने कहा कि हमास द्वारा बंधक बनाए गए बंधकों की रिहाई के लिए बातचीत जारी थी और इसके सकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि माना जाता है कि कतर उन नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने पर काम कर रहा है, जिन्हें हमास ने 7 अक्तूबर को दक्षिणी इस्राइल पर अपने घातक हमले के दौरान बंधक बना लिया था। आतंकवादी बंधकों को लेकर गाजा में वापस घुस गए और तब से उन्हें हमास-नियंत्रित क्षेत्र में बंदी बना रखा है।
कतर को बताया हितधारक
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस्राइली एनएसए तजाही हनेग्बी ने कतर के महत्वपूर्ण राजनयिक प्रयासों के लिए उसकी प्रशंसा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल पर पोस्ट किया, 'मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि कतर मानवीय समाधानों की सुविधा में एक आवश्यक पार्टी और हितधारक बन रहा है।'
पूर्व पीएम बेनेट ने साधा एनएसए पर निशाना
कतर की प्रशंसा पर एनएसए पर निशाना साधते हुए, बेनेट ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया, 'इजरायल की सरकार एक गंभीर नैतिक और व्यावहारिक गलती कर रही है। कतर मानवीय और राजनयिक गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार नहीं है।' कतर खुद दुश्मन है।
पूर्व पीएम ने आगे पोस्ट किया, 'कतर हमास-आईएसआईएस आतंकी समूह को फंड देता है', उन्होंने आगे कहा कि इस्राइल का घोषित लक्ष्य हमास को नष्ट करना है। वहीं, कतर का लक्ष्य बिल्कुल विपरीत उसको बचाना है।'