Gaza War: युद्धविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर इस्राइल और हमास अप्रत्यक्ष वार्ता के लिए तैयार हैं। मिस्र दोनों पक्षों की मेजबानी करेगा। दोनों पक्षों ने अमेरिका की शांति योजना की कुछ शर्तें स्वीकार की हैं, जिससे बातचीत की उम्मीदें बढ़ी हैं।
इस्राइल और हमास सोमवार को मिस्र में अप्रत्यक्ष वार्ता की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि युद्धविराम की उम्मीदें बढ़ने लगी हैं। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस हफ्ते युद्धविराम और बंधकों की रिहाई हो सकती है।
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यह बातचीत ऐसे समय में होने जा रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास के उस बयान का स्वागत किया है, जिसमें उसने अमेरिका की योजना के कुछ हिस्सों को स्वीकार किया है। इससे पहले इस्राइल भी इस युद्ध को खत्म करने के अमेरिका के नए प्रयासों का समर्थन कर चुका है।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मिस्र सोमवार को इस्राइल और हमास के प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी करेगा ताकि इस्राइली बंधकों के बदले फलस्तीनी कैदियों के आदान‑प्रदान पर चर्चा हो सके। मिस्र के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ भी इन वार्ताओं में शामिल हो रहे हैं। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि हम उन सभी बंधकों की रिहाई के सबसे नजदीक हैं।
एबीसी के कार्यक्रम 'दिस वीक' में रूबियो ने कहा कि अगर हमास ट्रंप की योजना को स्वीकार कर लेता है तो दो चरण होंगे- बंधकों की रिहाई और इस्राइल का उस पीली रेखा तक पीछे हटना, जहां वह अगस्त 2024 में था। आठ इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर संभावित युद्धविराम की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि गाजा पर नियंत्रण को एक अंतरिम समिति को सौंपने पर सहमति स्वागत योग्य कदम है। इसके साथ ही उन्होंने यह अपील भी की कि इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए ठोस व्यवस्था पर सहमति बनाने के लिए तुरंत बातचीत शुरू की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि फलस्तीनी प्राधिकरण को गाजा में फिर से जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए, ताकि गाजा और वेस्ट बैंक को एक साथ मिलाया जा सके। साथ ही, अगर सुरक्षा को लेकर समझौता हो जाता है, तो इसका नतीजा यह होना चाहिए कि इस्राइल गाजा से पूरी तरह पीछे हटे।