सरित जहावी, अल्मा रिसर्च एंड एजुकेशन सेंटर के अध्यक्ष और संस्थापक और इस्राइल डिफेंस फोर्सेज इंटेलिजेंस कोर की पूर्व शोधकर्ता ने हमास द्वारा इस्राइल पर हमले के समय को 'संकेतात्मक' बताया है।
टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल में यहूदी अवकाश की सुबह ही यह हमला हुआ, जिसमें शनिवार सुबह दक्षिणी और मध्य इस्राइल में रॉकेटों की बौछार हुईं।
हमलावर 20 से अधिक स्थानों पर फैल गए, उन्होंने 300 इस्रायलियों की हत्या कर दी, लगभग 100 लोगों को बंधक बना लिया और 1800 से अधिक को घायल कर दिया।
सरित जहावी ने बताया कि पचास साल पहले 6 अक्टूबर, 1973 को इस्राइल ने योम किप्पुर युद्ध देखा था। उनसे जब पूछा गया कि क्या हमले का समय आकस्मिक था, तो उन्होंने कहा कि नहीं, वे आकस्मिक नहीं हैं बल्कि निश्चित रूप से सांकेतिक है।
क्या था योम किप्पुर युद्ध
बता दें कि 1973 में इस्राइल पर इसी तरह का हमला हुआ था। इसका नेतृत्व मिस्र और सीरियाई सेनाओं ने किया था। मिडिल-ईस्ट में छिड़े इस युद्ध में मिस्र के सैनिकों ने सिनाई प्रायद्वीप में घुसपैठ की और सीरियाई सैनिक गोलान हाइट्स में घुस गए।
यह युद्ध यहूदी धर्म के सबसे पवित्र दिन पर हुआ था। इस युद्ध में अरब सेनाएं 1967 में तीसरे अरब-इस्राइल युद्ध के दौरान गंवाए हुए क्षेत्र को वापस हासिल करने की कोशिश कर रही थीं।
वर्तमान के हालात
इस्राइल में वर्तमान स्थिति पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि गाजा से इस्राइल में हमास आतंकवादियों के हमले के बाद अब तक 600 लोग मारे गए हैं और 2 हजार घायल हैं।
लगभग 100 को बंधक बना लिया गया है, या शायद 100 से अधिक लोग हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इस्राइल अंतरराष्ट्रीय समर्थन की मांग कर रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय समर्थन की है जरूरत
उन्होंने कहा कि हमें संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद में समर्थन की आवश्यकता है। यह समझते हुए कि हमने युद्ध की घोषणा नहीं की है, लकिन हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद आतंकवादी-संगठन-नियंत्रित-गाजा ने जरूर की है।
अधिकारियों के अनुसार, जब से हमास ने अपना हमला शुरू किया है तब से इस्राइल में मरने वालों की संख्या 700 से अधिक हो गई है। इस्राइली सेनाएं हमास के आतंकवादियों के साथ लड़ाई जारी रखे हुए हैं क्योंकि वे सीमा पर समुदायों को हटा रहे हैं।