इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : एक्स@netanyahu
इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम की कोशिशें जारी हैं। दोनों पक्षों के बीच कतर द्वारा मध्यस्थता की जा रही है। कतर ने संघर्ष विराम के लिए प्रस्ताव तैयार किया है, लेकिन हमास ने उसमें कुछ बदलाव किए हैं, जिस पर इस्राइल ने आपत्ति जताई और प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।
इस्राइल का प्रतिनिधिमंडल कतर रवाना
इस्राइली प्रधानमंत्री ने वार्ताकारों की एक टीम को कतर भेजा है, जो संघर्ष विराम प्रस्ताव में बदलाव पर बात करेगी। इस बीच इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को अमेरिका दौरे पर रवाना हो रहे हैं। जहां उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगी। वॉशिंगटन में दोनों नेताओं के बीच गाजा और संघर्ष विराम की कोशिशों पर बात हो सकती है।
हमास की इन मांगों पर अटकी बात
हमास ने शुक्रवार को अमेरिका और इस्राइल के समर्थन वाले प्रस्ताव को समर्थन दिया था, जिसमें समझौते के 60 दिनों में आधे जीवित इस्राइली बंधकों और आधे मृत इस्राइलियों को लौटाने की बात है। ये रिहाई पांच चरण में होगी। हमास ने इस प्रस्ताव में कथित तौर पर तीन बदलाव करने की मांग की है। जिसके तहत हमास स्थायी तौर पर संघर्ष विराम पर वार्ता जारी रखने की मांग कर रहा है। साथ ही गाजा में राशन की आपूर्ति पूरी तरह से शुरू करने और आईडीएफ के पूर्व के संघर्ष विराम की स्थिति में लौटने की मांग कर रहा है।
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बंधकों के परिजनों ने जताई नाराजगी
इस्राइल ने हमास की इन मांगों को ठुकरा दिया है। हालांकि आगे बातचीत जारी रखने का फैसला किया है और अपने प्रतिनिधिमंडल को रविवार को दोहा रवाना किया। हालांकि इस्राइल की तरफ से ये नहीं बताया गया है कि उसे कौन सी मांग स्वीकार्य नहीं है। वहीं बंधकों के परिवारों ने सिर्फ आधे बंधकों की रिहाई के समझौते पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि इस तरह से चरणबद्ध तरीके से बंधकों की रिहाई से बेहद अस्थिरता का माहौल होता है, जो बंधकों के परिजनों के लिए काफी कष्टकारक होती है।