साइप्रस के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
वहीं इस शिखर सम्मेलन को लेकर साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलिडेस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में तीनों देशों ने अपने गठबंधन की रणनीतिक अहमियत को दोबारा पुष्टि की है। यह गठबंधन साझा मूल्यों, आपसी हितों और समान लक्ष्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग क्षेत्रीय एकीकरण, स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि की दिशा में काम कर रहा है।
गाजा की स्थिति पर भी बोले निकोस क्रिस्टोडूलिडेस
निकोस ने गाजा की स्थिति को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि साइप्रस राष्ट्रपति ट्रंप की 20-बिंदुओं वाली योजना और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के पूर्ण क्रियान्वयन का समर्थन करता है। उन्होंने मानवीय सहायता में साइप्रस की भूमिका पर भी जोर दिया।
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साथ ही अमालथिया परियोजना के जरिये साइप्रस गाजा तक मानवीय मदद पहुंचाने, सुरक्षा और त्वरित पुनर्बहाली के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। साथ ही उन्होंने 3+1 प्रारूप (साइप्रस, ग्रीस, इस्राइल और अमेरिका) की अहमियत बताई और कहा कि इससे क्षेत्रीय सहयोग और भी मज़बूत होता है तथा स्थिरता और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलता है।
ग्रीस के प्रधानमंत्री ने क्या संदेश दिया?
इसके अलावा ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस ने कहा कि तीनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए कूटनीतिक और स्थिरता लाने वाले प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि भले ही भू-राजनीतिक हालात कठिन हों, लेकिन यह सहयोग समय की कसौटी पर खरा उतरा है। उन्होंने बताया कि यह त्रिपक्षीय सहयोग पूर्वी भूमध्यसागर में शांति, सुरक्षा और स्थिरता में अहम योगदान दे रहा है और भविष्य में एक मजबूत क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे के निर्माण का रास्ता खोलता है।
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