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Islamophobia: इस्राइल-हमास युद्ध के बाद ऑस्ट्रेलिया में बढ़ीं मुस्लिम विरोधी घटनाएं, रिपोर्ट में दावा

Fri, 12 Sep 2025 03:16 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मेलबर्न

सार

अल्बानीज ने कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई लोगों को उनकी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर निशाना बनाना न केवल उन पर हमला है, बल्कि यह हमारे मूल्यों पर भी हमला है। हमें उस नफरत, डर और पूर्वाग्रह को खत्म करना होगा जो हमारे समाज में इस्लामोफोबिया और विभाजन को बढ़ावा देते हैं।'
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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज - फोटो : X-@AlboMP
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विस्तार
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ऑस्ट्रेलिया में इस्लामोफोबिया से निपटने के लिए नियुक्त किए गए विशेष दूत ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से पूरे ऑस्ट्रेलिया में मुस्लिम विरोधी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के इस्लामोफोबिया पर विशेष दूत आफताब मलिक ने शुक्रवार को सरकार को अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में 54 सिफारिशें की गई हैं, जिनमें संभावित भेदभाव की जांच के लिए आतंकवाद-रोधी कानूनों की समीक्षा की सिफारिश भी शामिल है।
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इस्राइल-हमास युद्ध के बाद बढ़ीं मुस्लिम विरोधी घटनाएं
आफताब मलिक ने अपनी रिपोर्ट में इस्लामोफोबिया (मुस्लिम विरोधी) की व्यापक जांच की भी सिफारिश की ताकि इसके मुख्य कारणों और सरकारी नीतियों में संभावित भेदभाव की जांच की जा सके। मलिक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'वास्तविकता यह है कि ऑस्ट्रेलिया में इस्लामोफोबिया लगातार बना हुआ है, कभी इसे नजरअंदाज किया गया और कभी नकारा गया, लेकिन कभी पूरी तरह से इसका समाधान नहीं किया गया।' उन्होंने कहा कि 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका पर अल-कायदा के हमलों के बाद से मुस्लिम विरोधी घटनाएं तेज हो गईं थीं।

ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने जताई चिंता
मलिक ने कहा कि 2023 में हमास द्वारा इस्राइल पर हमले के बाद से मुस्लिम विरोधी घटनाओं में 150% और ऑनलाइन 250% की वृद्धि हुई है। मलिक ने रिपोर्ट में कहा, '7 अक्टूबर, 2023 से इस्लामोफोबिक घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है।' इस रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि उनकी सरकार मलिक की सिफारिशों पर सावधानीपूर्वक विचार करेगी। अल्बानीज ने कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई लोगों को उनकी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर निशाना बनाना न केवल उन पर हमला है, बल्कि यह हमारे मूल्यों पर भी हमला है। हमें उस नफरत, डर और पूर्वाग्रह को खत्म करना होगा जो हमारे समाज में इस्लामोफोबिया और विभाजन को बढ़ावा देते हैं।'
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यहूदी विरोधी घटनाओं में भी इजाफा
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भी इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से ऑस्ट्रेलिया में मुस्लिम और यहूदी विरोधी घटनाओं में भारी वृद्धि को स्वीकार किया है। जुलाई 2024 में ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने जिलियन सेगल को यहूदी विरोधी घटनाओं से निपटने के लिए विशेष दूत नियुक्त किया और उसी साल अक्तूबर में मुस्लिम विरोधी घटनाओं के लिए आफताब मलिक को विशेष दूत नियुक्त किया गया। सेगल ने दो महीने पहले दी अपनी पहली रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि अगर ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों में यहूदी छात्रों पर हमले की समस्या का समाधान नहीं किया जाता है तो उस विश्वविद्यालय को सरकारी अनुदान से वंचित कर दिया जाए। साथ ही अप्रवासियों की राजनीतिक संबद्धता की भी जांच की सिफारिश की गई है। 2021 की ऑस्ट्रेलियाई जनगणना के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई आबादी का 3.2% मुस्लिम आबादी है।


 
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