आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ईरान के दक्षिणपूर्वी शहर करमान में हुए दो आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी ली है। आईएस ने गुरुवार को टेलीग्राम चैनल पर एक बयान में कहा, ये हमला दो आईएस सदस्यों ने भीड़ में बेल्ट से बंधे विस्फोटकों को उड़ाकर अंजाम दिया।
ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के दिवंगत जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या की चौथी बरसी पर बुधवार को आयोजित समारोह में हुए दो बम धमाकों में 100 से अधिक लोग मारे गए और महिलाओं एवं बच्चों समेत 284 लोग घायल हो गए। सुलेमानी 2020 में इराक में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था।
तेहरान ने इन हमलों का बदला लेने की कसम खाते हुए इसे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सबसे खूनी हमलों में एक करार दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कासिम सुलेमानी की बरसी पर आयोजित समारोह में भीड़ पर हमले का कठोर जवाब देने की कसम खाई है। खमेनेई ने एक बयान में कहा कि क्रूर अपराधियों से अब सख्ती से निपटा जाएगा और निस्संदेह कठोर प्रतिक्रिया दी जाएगी।
इससे पहले, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद मोखबर ने बम विस्फोट के लिए इस्राइल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था। मोखबर ने कहा, सुलेमानी के सैनिक आतंकियों को करारा जवाब देंगे। हालांकि अमेरिका ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इस्राइल हमले में शामिल है। साथ ही वॉशिंगटन के शामिल होने के किसी भी रिपोर्ट को खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने करमान में बुधवार के कायरतापूर्ण आतंकी हमले की निंदा की और पीड़ितों के परिवारों और ईरानी सरकार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
हमले के विरोध में पूरे ईरान में प्रदर्शन
स्थानीय मीडिया के अनुसार, हमलों के विरोध में करमान समेत पूरे ईरान में प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग इस्राइल और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने शुक्रवार को भी मृतकों के अंतिम संस्कार के समय बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।