ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही के लिए नई व्यवस्था को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत फिलहाल लागू अस्थायी उत्तरी और दक्षिणी मार्गों की जगह दो से चार महीने के लिए ईरान के क्षेत्रीय जल से होकर गुजरने वाला एक नया एकल समुद्री मार्ग लागू किया जाएगा।
क्या नई शिपिंग व्यवस्था पर लगभग सहमति बन चुकी है?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) को दिए गए साक्षात्कार में उप विदेश मंत्री (कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों) काजेम गरीबाबादी ने कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच प्रवेश और निकास मार्ग के नक्शे सहित लगभग सभी अहम मुद्दों पर सिद्धांततः सहमति बन गई है।
क्या इसका मतलब होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल जाएगा?
गरीबाबादी ने स्पष्ट किया कि संभावित समझौते का यह अर्थ नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था केवल व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही के लिए निर्धारित मार्ग से संबंधित है और इसे पूर्ण रूप से सामान्य संचालन की बहाली नहीं माना जाना चाहिए।
अमेरिका के साथ बातचीत के दावों पर ईरान ने क्या कहा?
ईरानी उप विदेश मंत्री ने अमेरिका के साथ किसी औपचारिक वार्ता के दावों को खारिज करते हुए कहा कि तेहरान को वॉशिंगटन की ओर से ऐसे संदेश मिले हैं, जिनमें जून में दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं पर लौटने की इच्छा जताई गई है।
जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की शर्त क्या है?
ईरानी वार्ता दल से जुड़े एक सूत्र ने अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका शांति समझौते के तहत किए गए अपने वादों को व्यवहारिक रूप से कितना लागू करता है। सूत्र ने यह भी कहा कि अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा बुधवार को एक इराकी एयरलाइन पर लगे प्रतिबंध हटाने का इस समझौते से कोई संबंध नहीं है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण क्यों कड़ा किया था?
ईरान ने 28 फरवरी को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण सख्त करते हुए इज़राइल और अमेरिका से जुड़े या उनके सहयोगी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर रोक लगा दी थी। तेहरान ने यह कदम अपने क्षेत्र पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद उठाया था।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव कैसे बढ़ा?
पिछले महीने अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। अमेरिका का कहना था कि यह कार्रवाई जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में की गई और इसका उद्देश्य व्यावसायिक समुद्री यातायात को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था।
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ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई का क्या जवाब दिया?
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन के जरिए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया।