ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार गाजा युद्धविराम और हमास के निरस्त्रीकरण की प्रस्तावित योजना को सिरे से खारिज कर दिया है। आईआरजीसी ने स्पष्ट कहा कि हमास को हथियार छोड़ने की योजना कभी सफल नहीं होगी और यह पहले ही विफल हो चुकी है। साथ ही संगठन ने हमास के राजनीतिक प्रमुख रहे इस्माइल हानियेह की हत्या का कड़ा और निर्णायक जवाब देने की भी बात दोहराई।
हानियेह की दूसरी बरसी पर जारी किया बयान
आईआरजीसी ने इस्माइल हानियेह की हत्या की दूसरी बरसी पर जारी बयान में कहा कि 31 जुलाई 2024 को तेहरान में हुई उनकी हत्या अंतरराष्ट्रीय कानून, ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन थी। हानियेह उस समय ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचे थे।
'हमास को निरस्त्र करने की साजिश सफल नहीं होगी'
आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि हमास को निरस्त्र करने की साजिश कहीं नहीं पहुंचेगी और पहले ही असफल साबित हो चुकी है। संगठन ने दावा किया कि फिलिस्तीन की जीत और "जायोनी कब्जे" के अंत का समय विरोधियों की अपेक्षा से अधिक करीब है। आईआरजीसी ने अमेरिका के साथ कुछ पश्चिमी और क्षेत्रीय देशों पर भी इस्राइल का खुला समर्थन करने का आरोप लगाया। बयान में कहा गया कि इन देशों की सैन्य और राजनीतिक मदद उन्हें गाजा में हो रहे अपराधों का साझेदार बनाती है।
क्या है अमेरिका समर्थित प्रस्ताव?
अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार प्रस्ताव के तहत हमास हथियार छोड़ने और गाजा का प्रशासन एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी प्राधिकरण को सौंपने पर सहमत हुआ है। इसके बदले इस्राइल अपनी सेना को गाजा से चरणबद्ध तरीके से हटाएगा और क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती की जाएगी। हालांकि, इस्राइल की ओर से इस प्रस्ताव पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने इस ढांचे को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इस्राइल को हर हाल में जीतना चाहिए।
गाजा में जारी है सैन्य अभियान
इस बीच, गाजा में इस्राइली सैन्य अभियान भी जारी है। इस्राइली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया कि उसने गाजा सिटी और उत्तरी गाजा में कार्रवाई के दौरान आर्मी ऑफ इस्लाम और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (PIJ) से जुड़े दो आतंकियों को मार गिराया है। गाजा में सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास समानांतर रूप से जारी हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव अभी भी बरकरार है।