अमेरिका और इस्राइल की ओर से जारी हमलों में ईरान को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों में ईरान के सबसे शक्तिशाली और विशिष्ट सैन्य बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया प्रमुख की मौत हो गई है। माजिद खादेमी के मौत की पुष्टि ईरानी मीडिया ने भी कर दी है।
ईरान की सरकारी मीडिया ने सोमवार को पुष्टि करते हुए बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के खुफिया संगठन के प्रमुख माजिद खादेमी की मौत हो गई। रिपोर्ट में बताया गया कि सोमवार की तड़के सुबह एक हमले में माजिद खादेमी को मार दिया गया। आईआरजीसी ने उनकी मृत्यु की पुष्टि करते हुए इसे आपराधिक आतंकवादी हमले का नतीजा कहा।
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आईआरजीसी ने माजिद खादेमी की हत्या के लिए अमेरिकी-यहूदी शासन के दुश्मन को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, हमले की सटीक जगह का तुरंत पता नहीं चला सका था। मीडिया रिपोर्टों ने सोमवार की सुबह तेहरान और उसके आसपास के क्षेत्रों में इस्राइल-अमेरिका ने संपत्तियों को लक्षित करने वाले भारी हवाई हमलों को अंजाम दिया था।
माजिद खादेमी कौन थे?
ब्रिगेडियर जनरल माजिद खादेमी ईरान के सबसे शक्तिशाली सुरक्षा अधिकारियों में से एक थे। जून 2022 में, उन्हें आईआरजीसी के खुफिया संरक्षण संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया था। 2025 तक उन्होंने मोहम्मद काजेमी की जगह आईआरजीसी खुफिया संगठन के प्रमुख का पद संभाला था, जिनकी पहले के संघर्षों में मृत्यु हो गई थी।
कई अन्य सैन्य अधिकारियों के विपरीत खादेमी केवल एक सामरिक अधिकारी नहीं थे, उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक रक्षा विज्ञान में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी।
माजिद खादेमी का करियर
IRGC खुफिया प्रमुख (2025–2026): खादेमी को 19 जून, 2025 को आईआरजीसी खुफिया संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया था, जिन्होंने मोहम्मद काजेमी का स्थान लिया।
खुफिया संरक्षण के प्रमुख (2022–2025): मुख्य खुफिया विंग का नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने आईआरजीसी खुफिया संरक्षण संगठन का नेतृत्व किया, जो संगठन के भीतर छिपे जासूसों को खोजने और आंतरिक निगरानी पर केंद्रित था।
रक्षा मंत्रालय (2018–2022): उन्होंने ईरान के रक्षा मंत्रालय में सूचना संरक्षण संगठन का भी नेतृत्व किया।
मध्यस्थता की कोशिशों को लगेगा झटका
उनकी मृत्यु की घोषणा ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किए सहित कई देशों द्वारा मध्यस्थता की कोशिशें की जा रही हैं। इस मध्यस्थता बातचीत में 45-दिवसीय युद्धविराम ढांचे की समीक्षा वाशिंगटन और तेहरान दोनों द्वारा की जा रही है। हालांकि ईरान किसी भी तरह की बातचीत से इनकार करता रहा है।