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इराक में खत्म हुआ लंबा राजनीतिक गतिरोध: निजार अमेदी बने देश के नए राष्ट्रपति; जल्द होगा नए PM का चुनाव

Sun, 12 Apr 2026 10:50 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बगदाद

सार

इराक की संसद ने बगदाद में हुए मतदान में निजार अमेदी को नया राष्ट्रपति चुना है। लंबे समय से चल रहे राजनीतिक गतिरोध के बाद यह फैसला आया है। अब नए राष्ट्रपति को 15 दिनों के भीतर प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार नामित करना होगा।
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निजार अमेदी - फोटो : IANS
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विस्तार
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इराकी संसद ने राजधानी बगदाद में एक अहम मतदान के बाद पूर्व पर्यावरण मंत्री निजार अमेदी को देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया है। संसद के अध्यक्ष हैबत अल-हल्बूसी ने रनऑफ मतदान में अमेदी को 227 वोट मिलने के बाद आधिकारिक विजेता घोषित किया। घोषणा के तुरंत बाद नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने संवैधानिक रूप से पद की शपथ ली।
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इस महत्वपूर्ण सत्र में 329 सदस्यों वाली संसद के करीब 250 सांसद मौजूद थे। राष्ट्रपति चुनाव के लिए कम से कम 220 सांसदों की मौजूदगी जरूरी थी, इसलिए यह संख्या तय कोरम से अधिक थी। टीवी पर दिखाए गए सत्र के अनुसार, पैट्रियॉटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान (पीयूके) के उम्मीदवार अमेदी को पहले दौर में 208 वोट मिले। उनके मुकाबले में खड़े कुर्दिस्तान इस्लामिक यूनियन के मुथन्ना अमीन को 17 और मौजूदा विदेश मंत्री फुआद हुसैन को 16 वोट मिले। पहले दौर में किसी भी उम्मीदवार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला, इसलिए मुकाबला अमेदी और अमीन के बीच दूसरे दौर में चला गया।

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अमेदी बगदाद में पीयूके के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख हैं। वे 2022 से 2024 तक इराक के पर्यावरण मंत्री रहे हैं और पूर्व इराकी राष्ट्रपतियों के सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं। इराकी संविधान के तहत नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के पास 15 दिनों के भीतर संसद के सबसे बड़े दल के नेता को प्रधानमंत्री पद के लिए नामित करने का अधिकार होता है। इसके बाद नामित उम्मीदवार के पास 30 दिनों के भीतर नई कैबिनेट गठित करने और विश्वास मत प्राप्त करने का समय होता है।
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इराक में पिछले साल नवंबर में संसदीय चुनाव हुए थे। इस मतदान से लंबे समय से चल रहे राजनीतिक गतिरोध के खत्म होने का संकेत मिला है। कुर्द दलों के बीच सहमति की कमी और कोरम पूरा न होने की वजह से राष्ट्रपति का चुनाव बार-बार टल रहा था। साल 2003 के बाद इराक में सत्ता के बंटवारे की एक व्यवस्था बनी है। इसके तहत राष्ट्रपति का पद कुर्द समुदाय के लिए, संसद अध्यक्ष का पद सुन्नी और प्रधानमंत्री का पद शिया समुदाय के लिए आरक्षित है।

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