इराक ने साल 2018 के दौरान 600 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को आतंकी संगठन आईएस से संबंध रखने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। इन विदेशी नागरिकों में महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं। इराक की न्यायपालिका ने इस बारे में बताया। तीन साल तक जिहादियों के खिलाफ लड़ाई के बाद इराक ने 2017 के अंत में आईएस पर जीत की घोषणा की थी। एक समय जिहादियों ने देश के एक तिहाई हिस्से और पड़ोसी सीरिया के भी भूभाग पर कब्जा कर लिया था।
वर्ष 2014 के बाद इराक में 20,000 लोगों को आईएस से जुड़ाव के संदेह में गिरफ्तार किया गया। न्यायपालिका के प्रवक्ता अबदेल सत्तार बेरकदार ने सोमवार को बताया कि साल 2018 में आईएस से संबंध रखने वाले 616 लोगों (466 महिलाएं, 42 पुरुष, और 108 नाबालिग)पर मुकदमा चलाया गया। इन्हें इराक के आतंकरोधी कानून के तहत सजा सुनाई गई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इन्हें क्या सजा दी गई है। इराकी आतंकरोधी कानून के तहत अदालत जिहादी संगठनों से संबंध रखने वालों को मौत की सजा तक सुना सकती है।
सूत्रों के मुताबिक अप्रैल में आईएस संबंध रखने वाले 300 से ज्यादा संदिग्धों को मौत की सजा सुनाई गई थी जबकि 300 से ज्यादा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। आईएस से संबंध रखने वाली ज्यादातर महिलाएं तुर्की की हैं। उधर रविवार को 30 रूसी बच्चों को वापस रूस भेज दिया गया है जबकि इनकी मां आईएस से संबंध रखने के आरोपों में इराक की जेलों में बंद हैं।