अमेरिका और सऊदी अरब के साझा हवाई हमलों के बाद इराक ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप के बयानों को झूठा करार देते हुए बगदाद ने साफ कर दिया है कि वह अपनी धरती पर न तो किसी विदेशी हमले को बर्दाश्त करेगा और न ही इसे क्षेत्रीय जंग का अखाड़ा बनने देगा।
इराक की जमीन पर हाल ही में हुए अमेरिका और सऊदी अरब के साझा हवाई हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बहुत बढ़ गया है। इन हमलों को लेकर इराकी सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ये हमले इराकी सरकार के साथ तालमेल बिठाकर किए गए थे। हालांकि, इराक सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दावे को पूरी तरह से नकार दिया है। इराक ने कहा है कि उसने अपनी जमीन पर किसी भी हमले की कोई मंजूरी नहीं दी थी और न ही उसे इसकी कोई पूर्व जानकारी थी।
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इराक ने क्यों जताई आपत्ति?
इराकी सरकार के प्रवक्ता हैदर अल-आबोदी ने इस पूरे मामले पर बयान जारी किया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि बगदाद ने अपनी सीमाओं के भीतर किसी भी स्थान या समूह को निशाना बनाने की अनुमति नहीं दी थी।
उन्होंने कहा कि सरकार को इन सैन्य कार्रवाइयों के बारे में पहले से कोई खबर नहीं थी। इराक ने बुधवार को ही इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की थी और अब ट्रंप के बयान का सीधा खंडन कर दिया है। इराक का कहना है कि बिना बताए किया गया यह हमला उसकी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है।
20 लड़ाकों की मौत: इस हवाई हमले में ईरान समर्थित ग्रुप 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस' (पीएमएफ) के कम से कम 20 लड़ाकों की जान गई है।
ट्रंप का दावा खारिज: इराक ने कहा कि अमेरिका ने हमले से पहले कोई बातचीत नहीं की थी और न ही कोई अनुमति ली थी।
पीएम का दौरा रद्द: बढ़ते तनाव को देखते हुए इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अपना सऊदी अरब का दौरा टाल दिया है।
सऊदी से सबूत की मांग: इराक ने सऊदी अरब से उन दावों के पक्के सबूत मांगे हैं, जिनमें कहा गया था कि उस पर हमले इराक से हुए।
इराक का कड़ा रुख: इराक ने साफ किया है कि वह न तो अपनी जमीन से किसी पर हमला होने देगा और न ही विदेशी सैन्य दखल सहेगा।
क्या इराक की सीमा से हुए थे सऊदी पर ड्रोन हमले?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि सोमवार और मंगलवार को उनकी राजधानी रियाद और कई जरूरी जगहों पर ड्रोन हमले किए गए थे। सऊदी का दावा था कि ये ड्रोन इराक की सीमा के भीतर से दागे गए थे। हालांकि, इराक ने सऊदी के इन आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई है और उनसे इसका सबूत पेश करने को कहा है।
इराकी पीएम के प्रवक्ता सबाह अल-नुमान ने कहा कि सऊदी अरब ने अभी तक अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या सबूत नहीं दिया है। सबाह अल-नुमान ने कहा कि किसी भी पक्ष ने अभी तक अपने दावों को साबित करने के लिए कोई सबूत उपलब्ध नहीं कराया है। अल-नुमान ने साफ कहा कि इराक किसी भी गैर-सरकारी गुट को अपनी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए नहीं करने देगा। इसके साथ ही, बाहर से आने वाले किसी भी सैन्य हमले का कड़ा विरोध किया जाएगा।